Fri. Oct 23rd, 2026

बाजार नहीं, खतरनाक रास्ता बना डाला, फिर भी ठेका फर्म पर मेहरबानी!

बिलासपुर,,, जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और ठेका फर्म की घटिया कार्यशैली ने चांटीडीह और शिवघाट क्षेत्र के बैराज निर्माण को विवादों में घेर लिया है! 18 माह में काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था! लेकिन आज तक बैराज का निर्माण अधूरा पड़ा है! जबकि कार्य की अवधि पूरी होने के बाद भी ठेका फर्म पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया!

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मई 2021 में इस परियोजना का भूमिपूजन किया था! लेकिन अब तक निर्माण कार्य में हुई देरी और घटिया सामग्री के कारण दोनों बैराजों के निर्माण पर सवाल उठ रहे है! किनठेका फर्म ने न केवल आवश्यक कार्यों जैसे एप्रोच रोड, गेट्स, और सुरक्षा कार्यों को अधूरा छोड़ दिया है! बल्कि बैराज के ऊपर बनाए गए रास्ते को खतरनाक बना दिया है! लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं! जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है!

हालांकि, जलसंसाधन विभाग के अधिकारी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं! इसी बीच, विभाग ने फर्म को जून 2025 तक का एक्सटेंशन दे दिया है! जबकि पहले ही कार्य की अवधि 2 साल 3 माह से ज्यादा हो चुकी है!

अभी हाल ही में कार्यपालन अभियंता एमके चंद्रा ने खतरनाक रास्ते को बंद करने के निर्देश दिए हैं! बावजूद इसके, यह मामला विभागीय लापरवाही और ठेका फर्म के प्रभाव को उजागर करता है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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