Breaking
6 Feb 2026, Fri

रिश्वतखोर पटवारी की सनसनीखेज साजिश: पत्रकार को बदनाम करने के लिए दिया लालच, वायरल हुआ चौंकाने वाला आडियो

बिलासपुर,,, जिले के रतनपुर तहसील के ग्राम पचरा में पदस्थ रिश्वतखोर पटवारी अनिकेत साव द्वारा एक पत्रकार को बदनाम करने की गजब की साजिश रची गई है! यह मामला हाल ही में वायरल हुए एक आडियो क्लिप और व्हाट्सअप चैट्स के जरिए सामने आया है! जिसमें पटवारी ने पत्रकार इमरान को बदनाम करने के लिए एक फरियादी से पैसे की मांग की थी! इस घिनौनी साजिश ने क्षेत्र में खलबली मचाकर, पटवारी की काले कारनामों को उजागर किया है!

दरअसल, इस घटना के सूत्रधार मिथलेस दास मानिकपुरी हैं! जो ग्राम पचरा के निवासी हैं! और जिनकी पुश्तैनी जमीन के सीमांकन के लिए पटवारी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी! मिथलेस ने 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे! और बाकी पैसे बाद में देने की बात हुई थी! लेकिन बाद में पटवारी ने मिथलेस से कहा कि पत्रकार इमरान ने उनकी गलत गिरदावरी की खबर छापी है! जिसके कारण जांच टीम का दौरा तय है! इस पर पटवारी ने मिथलेस को लालच देते हुए कहा कि यदि वह पत्रकार के खिलाफ ऑडियो रिकॉर्ड करके पैसे मांगने का आरोप लगाएंगे, तो उनका काम मुफ्त में कर दिया जाएगा और जो पैसे दिए गए हैं! वह भी वापस मिल जाएंगे!

पटवारी ने मिथलेस को दबाव डालते हुए 2 मार्च को ऑडियो रिकॉर्ड करने का आदेश दिया और कहा कि पत्रकार को बदनाम करने के लिए उन्हें ऐसा करना होगा! इस दौरान मिथलेस ने इस साजिश के खिलाफ एसडीएम को शिकायत दी और आडियो के साथ व्हाट्सअप चैट्स के स्क्रीनशॉट्स भी संलग्न किए! इस मामले में मिथलेस का आरोप है! कि पटवारी ने पूरी साजिश रची थी! ताकि वह अपनी रिश्वतखोरी की करतूतों को छुपा सके और एक निर्दोष पत्रकार को फंसाया जा सके!

यह मामला तब और गंभीर हो गया! जब 4 मार्च को पटवारी ने मिथलेस पर और दबाव डाला कि वह पत्रकार को रिश्वत देते हुए वीडियो बनाएं, जिससे पत्रकार को बदनाम किया जा सके! लेकिन मिथलेस ने इसके खिलाफ पूरी सच्चाई एसडीएम को बता दी और पटवारी की इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया! अब देखना यह होगा कि जिले के उच्च अधिकारियों द्वारा इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाए जाते हैं!

पटवारी अनिकेत साव की इस साजिश ने एक बार फिर से प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं! हाल ही में रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पटवारी को निलंबित कर दिया गया था! लेकिन इस नई साजिश ने उसे एक बार फिर चर्चा में ला दिया है! इस मामले में राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है! लेकिन यह मामला बेहद गंभीर है! और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है!

यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है! जो रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं! ऐसे पटवारी और अधिकारियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके!

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed