Breaking
6 Feb 2026, Fri

कांग्रेस नेता के बाद अब भाजपा नेता राजेश पांडेय के खिलाफ कार्रवाई: फर्जी दस्तावेज के सहारे 1.75 करोड़ की ठगी, पुलिस ने शुरू की तलाश…

बिलासपुर,,,  कांग्रेस नेता के बाद अब भाजपा नेता के खिलाफ भी बड़े अपराध का मामला सामने आया है! सिविल लाइन पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन बेचने के मामले में भाजपा नेता राजेश पांडे के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है! इस ठगी में 1 करोड़ 75 लाख रुपये की बड़ी रकम की धोखाधड़ी की गई है! हालांकि, आरोपी राजेश पांडे फरार हो चुका है! और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है!

यह मामला उस समय सामने आया जब कुछ दिन पहले सिविल लाइन पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर एक रिटायर्ड शासकीय अधिकारी से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में आरोपी विकास मांझी को गिरफ्तार किया था! इस मामले का खुलासा होते ही पुलिस को यह जानकारी मिली कि राजनीति से जुड़े कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए रिटायर्ड अधिकारियों को अपना शिकार बना रहे थे! इस सनसनीखेज मामले के बाद भाजपा नेता राजेश पांडे का नाम भी सामने आया, और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया!

क्या है पूरा मामला?

रिटायर्ड आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त अमरचंद बर्मन ने सिंधी कालोनी निवासी राजकुमार उर्फ राजू बजाज से रिंग रोड टू में अपनी जमीन बेचने के लिए 72 लाख रुपये का सौदा किया था! लेकिन जमीन में कुछ गड़बड़ी होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई! इसके बाद राजू बजाज ने उन्हें रिंग रोड टू में दूसरी जमीन दिलवाने की बात कहकर विकास मांझी से मिलवाया! विकास मांझी और उसके दोस्त राजेश पांडे ने रिटायर्ड अधिकारी को दिखाए गए दस्तावेजों में दावा किया कि रिंग रोड टू में खसरा नंबर 448/11 और 448/37 ग के तहत जमीन बिकने के लिए उपलब्ध है। इस फर्जी जानकारी पर विश्वास करके श्री बर्मन ने कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये दे दिए, और इसके बाद दोनों खसरा नंबरों की रजिस्ट्री भी करवा दी गई!

कुछ समय बाद, जब बर्मन ने उक्त जमीनों को बेचने के लिए सौदा करने का प्रयास किया! तब उन्हें यह जानकारी मिली कि जिन खसरा नंबरों की जमीन पर सौदा किया गया था! वह जमीन रिंग रोड टू में थी ही नहीं! बर्मन ने तुरंत इस मामले की रिपोर्ट सिविल लाइन पुलिस को दी! पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया, जिसमें धारा 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (साजिश), 467 (फर्जी दस्तावेज), 468 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल), 471 (फर्जी दस्तावेज को मान्यता देना), और 474 (फर्जी दस्तावेज के साथ काम करना) शामिल हैं!

विकास मांझी की गिरफ्तारी

मुख्य आरोपी विकास मांझी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए! अब पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है! पुलिस अधिकारियों का कहना है! कि जल्द ही फरार भाजपा नेता राजेश पांडे और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी! सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेजी से आगे बढ़ाया है! और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है!

आखिरकार, एक और राजनीतिक चेहरे का पर्दाफाश

यह मामला राजनीतिक से जुड़ी एक और ठगी की वारदात को उजागर करता है! भाजपा नेता के नाम का सामने आना, इस बात का संकेत है! कि राजनीति के कुछ लोग अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं! अब पुलिस की नजर बाकी के आरोपियों पर है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई जा रही है!

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed