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17 Mar 2026, Tue

सरकंडा जमीन फर्जीवाड़ा: राजस्व निरीक्षक और पटवारी की जमानत याचिका खारिज, पुलिस ने तेज की गिरफ्तारी की कार्रवाई…

बिलासपुर,,, जिले के सरकंडा क्षेत्र में जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर चल रहे चर्चित मामले में अदालत ने राजस्व निरीक्षक कमल किशोर कौशिक और पटवारी चंद्रराम बंजारे की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है! दोनों शासकीय अधिकारी अब भी फरार हैं! और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए अपनी छापेमारी और कार्रवाई तेज कर रही है! इस मामले में कांग्रेस नेता सुधांशु मिश्रा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है! जो अब जमानत पर हैं!

पूरा मामला क्या है?

सरकंडा क्षेत्र में एक बड़े भूमि घोटाले का मामला सामने आया था! जिसमें सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर भूमि का स्वामित्व बदलने का आरोप लगाया गया! इस घोटाले में कुछ शासकीय अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई! जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व निरीक्षक कमल किशोर कौशिक और पटवारी चंद्रराम बंजारे शामिल हैं! इन अधिकारियों पर आरोप है! कि उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव कर फर्जी रिपोर्ट तैयार की और भूमि के स्वामित्व को बदलने में मदद की!

अदालत ने क्यों खारिज की जमानत?

विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार जायसवाल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पटवारी का दायित्व सरकारी और निजी भूमि का संरक्षण करना होता है! आरोपी पटवारी चंद्रराम बंजारे ने न सिर्फ मामले की अनदेखी की, बल्कि उसने जानबूझकर 22 बिंदुओं का फर्जी प्रतिवेदन तैयार किया और जांच में सहयोग नहीं किया! अदालत ने माना कि आरोपियों की शासकीय सेवक के रूप में भूमिका गंभीर है! और उनके जमानत मिलने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है! इस कारण उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया!

पुलिस की अगली कार्रवाई

अब, जब अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है! पुलिस की जिम्मेदारी बनती है! कि वह जल्दी से जल्दी दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार करे! पुलिस ने दोनों की लोकेशन ट्रैक करने के प्रयास तेज कर दिए हैं! और अगर आरोपी जल्द सरेंडर नहीं करते, तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है!

सरकार और प्रशासन पर बढ़ा दबाव

इस मामले में भ्रष्टाचार और शासकीय पद के दुरुपयोग के आरोपों ने सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है! जमीन फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है! पुलिस और प्रशासन की यह चुनौती है! कि वे जल्द से जल्द आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार करें, ताकि मामले की जांच पूरी हो सके और दोषियों को सजा मिल सके!

गौरतलब है! कि कांग्रेस सचिव सुधांशु मिश्रा को 8 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था! और अदालत में उनके वकीलों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे! अब यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस दोनों फरार आरोपियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर पाती है! और इस मामले में आगे की जांच क्या दिशा लेती है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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