Breaking
17 Mar 2026, Tue

सेंट्रल लाइब्रेरी की बढ़ती फीस और सुविधाओं की कमी से छात्रों में आक्रोश, सरकार से हस्तक्षेप की मांग…

बिलासपुर,,, सेंट्रल लाइब्रेरी बिलासपुर में छात्रों को मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं! जबकि शुल्क में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है! इस मामले में छात्रों ने आक्रोश व्यक्त किया है! और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है!

लाइब्रेरी के छात्रों ने बताया कि शुल्क 500 से 700 कर दिया गया है! जिसे सभी छात्र/छात्राएँ दे पाने में असमर्थ है! प्रथम तल के लाइब्रेरी रूम का भी शुल्क राशि 500 ही रहे जिससे सभी बच्चों की आर्थिक स्थिति ठीक बनी रहे! छात्र-छात्राओं का कहना है!

कि यदि वह ज्यादा राशि दे पाने में सक्षम रहते तो वह शासकीय लाइब्रेरी की ओर रुख क्यों करते वे अति सुविधा युक्त प्राइवेट लाइब्रेरी को पसंद करते यदि सेंट्रल लाइब्रेरी भी इतना महंगा हो जाएगा तो सामान्य बच्चे कहां पढ़ेंगे! आपको बता दे कि पहले लाइब्रेरी का फीस 300 उसके पश्चात 500 अब इस राशि को 700 कर रहे हैं कुछ समय पश्चात यह राशि बढ़कर और अधिक हो जाएगी तब आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे क्या करेंगे यह एक विचारणीय विषय है!

इसके अलावा, लाइब्रेरी में पानी ,एसी, पंखे, कंप्यूटर, और वाई-फाई जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी दुरुस्त नहीं हैं!

छात्रों ने सरकार से मांग की है! कि लाइब्रेरी को नालंदा के तर्ज पर 24 घंटे , BPL CARD का पुनः संचालन और सुविधायुक्त तरीके से निम्नतम अवकाश, निर्धन और जरूरतमंदों के लिए करने का प्रयास करें! जिससे अंतिम रूप से पिछड़े प्रतिभावान छात्र एवं छात्राओं को मौका मिले और केवल धनराशि की कमी ही उनके प्रतिभा के बीच में रोडा ना बन सके!

यूं तो राज्य सरकार अपने बजट में लगभग 17 जिसकी बजट राशि लगभग 20 करोड़ हैं को तक्षशिला एवं नालंदा के तर्ज पर जिला मुख्यालय में लाइब्रेरी बनाने की योजना रखी हुई है! परंतु इस लाइब्रेरी का लाभ यदि सामान्य एवं पिछड़े बच्चों को नहीं मिल पाया और लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना रह गया तो अधिक लाइब्रेरी बनने का कोई औचित्य दिखाई नहीं पड़ रहा है क्योंकि शहरों में प्राइवेट लाइब्रेरी की कमी नहीं है!

इस मामले में छात्रों ने माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय उप मुख्यमंत्री जी को एक पत्र लिखा है! जिसमें 200 सौ से भी अधिक छात्र/छात्राओं ने अपनी समस्याओं का उल्लेख किया है! और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है!

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed