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3 Feb 2026, Tue

NTPC की लापरवाही से 30 गांवों में जहरीली राख का कहर, ग्रामीण जी रहे नरक जैसा जीवन…

00  NTPC राखाड बाँध प्रभावित रलिया, रांक, हरदा, सुखरीपाली, भिलाई, बेलटुकरी, परसदा, जयराम नगर के ग्रामीणों का जीना दुश्वार

बिलासपुर,,, NTPC सीपत के राखड बाँध की वजह से प्लांट प्रभावित रलिया, रांक, हरदा, सुखरीपाली, भिलाई, बेलटुकरी, परसदा, जयराम नगर सहित 25 से 30 गाव के लोगो का जीवन नरक के समान हो गया है! राखड बाँध के उड़ने वाले धुल से लोगो को जीना दुश्वार हो गया है! वही राखड की वजह से लोगो को कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है! प्रभावित क्षेत्र के जल स्त्रोत बुरी तरह से बर्बाद हो गए है! वही नदी व तालाब के पानी प्रदूषित हो गए है! हरियाली के नाम पर यहाँ केवल राखाड ही राखाड नजर आता है! राखाड बाँध प्रभावितों के लिए NTPC प्लांट प्रबन्धन द्वारा सीएसआर मद से कई विकास कार्य कराने का दावा किया जाता है! मगर धरातल पर ग्रामीणों को किसी भी तरह के लाभ नहीं मिल पा रहे है!

जिले के सीपत में स्थित NTPC प्लांट की स्थापना को 24 साल हो गए हैं! जब इसकी शुरुआत हुई थी! तब स्थानीय लोगों ने विकास, रोजगार और बेहतर जीवन स्तर का सपना देखा था! लेकिन आज यह सपना धुंधला हो गया है! बिलासपुर जिले के सीपत में स्थित NTPC प्लांट की स्थापना को 24 साल हो गए हैं! जब इसकी शुरुआत हुई थी! तब किसान और ग्रामीणों ने विकास, रोजगार और बेहतर जीवन स्तर का सपना देखा था! लेकिन आज यह सपना धुंधला हो गया है! प्रदूषण, रोजगार की कमी, और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने ग्रामीणों की उम्मीदें तोड़ दी हैं! अब हालात इतने खराब हैं! कि लोग गांव छोड़ने को मजबूर हैं! ग्राम रांक और आसपास के गांवों में प्रदूषण की स्थिति भयावह है! ग्रामीणों का कहना है! कि प्लांट से निकलने वाली राख की आंधी ने उनका जीना दुश्वार कर दिया है! घरों, फसलों और पानी पर राख जम जाती है! जिससे लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं!

रांक में गुड व तालपोलिंन वितरण में भेदभाव : NTPC

प्रबधन प्लांट प्रभावित गाव में भेदभाव कर अपनी रोटिया सेकने में लगे हुए है! प्लांट के एच आर विभाग के शैलेश चौहान एवं ग्रामीण के बीच हुए बातचीत का आडियो सामने आया है! जिसमे  ग्रामीण द्वारा प्लांट प्रबंधन द्वारा रांक गाव के केवल दो मोहल्लो में ही गुड बाटने की बात कही जिसपर एचआर विभाग के शैलेश चौहान ने आगे और भी गुड बाटे जान एकी बात कही वही राखड प्रभावित गाव के कुछ घरो में तारपोलिंन बाटने के सम्बन्ध में बात की तो उन्होंने सभी के लिए तारपोलिंन नहीं होने कहा जिससे यह साफ़ हो गया कि एसी- व वीआईपी कमरों में बैठने वाले अधिकारी महज दिखावे के लिए यह कार्य करते है प्रभावितों की हित की चिंता ईन्हें नहीं है!

रोजगार, विकास, आर्थिक उन्नति कोसो दूर :

NTPC राखड़ डेम प्रभावित ग्रामो के ग्रामीणों ने बताया कि राख और प्रदूषण की समस्या के चलते नई पीढ़ी गांव को छोड़कर जा रही है! युवा रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में पलायन कर रहे हैं! जबकि बुजुर्ग और बाकी परिवार इस प्रदूषण के बीच रहने को मजबूर हैं! हवा में घुली राख उनके फेफड़ों तक पहुंच रही है! जिससे गंभीर बीमारियां हो रही हैं! NTPC सीपत प्लांट से जिन सपनों की शुरुआत हुई थी! आज वही ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है! रोजगार की कमी और प्रदूषण ने उनके जीवन को बदतर बना दिया है! अब यह देखना होगा कि NTPC प्रबंधन इन समस्याओं को हल करने के लिए क्या कदम उठाता है! या फिर ग्रामीणों को अपने अधिकारों के लिए और बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा!

राखाड बाँध में फंसी मूक गाय, दलदल से निकालने भारी मशक्कत :-

NTPC सीपत के कौड़िया राखड बाँध में एक मूक गाय जा फंसी, ग्रामीणों व स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओ को जब इसकी जानकारी हुई तो गाय को निकालने भारी मशक्कत करनी पड़ी, समाचार लिखे जाने तक गाय को निकालने के लिए ग्रामीण भिड़े रहे!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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