
बिलासपुर,,, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर कैंसर पीड़िता महिला को समय पर एम्बुलेंस सुविधा न मिलने को गंभीर लापरवाही मानते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को आड़े हाथों लिया है! अदालत ने इस मामले में रेलवे प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीआरएम से व्यक्तिगत रूप से जवाब तलब किया है!
मामला तब सामने आया जब रायपुर से बिलासपुर पहुंची एक कैंसर पीड़िता महिला की ट्रेन में ही मौत हो गई! प्लेटफॉर्म पर मौजूद सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर ने शव ले जाने से इनकार कर दिया, जिससे महिला के परिजन करीब एक घंटे तक स्टेशन पर असहाय खड़े रहे! बाद में उन्होंने निजी वाहन का इंतजाम कर शव को बाहर ले जाया!
हाईकोर्ट ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ बताया है! अदालत ने पूछा कि जब रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग रोजाना सफर करते हैं! तब वहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था क्यों नहीं है? अदालत ने रेलवे अधिकारियों से पूछा है! कि स्टेशन पर एम्बुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की गई! और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी! कोर्ट ने रेलवे को एक निश्चित समयसीमा में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है!अदालत ने उम्मीद जताई है! कि आने वाले समय में रेलवे प्रशासन जिम्मेदारी समझते हुए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा!
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