
बिलासपुर,,, स्थगन आदेश के खिलाफ जाकर नामांतरण करने वाले घुरू पटवारी और तहसीलदार की जांच होगी! यह जानकारी एसडीएम तखतपुर शिव कंवर ने दिया! उन्होने बताया कि जानकारी छिपाकर नामांतरण करना अपराध है! जांच पड़ताल कर पता लगाएंगे की आखिर पटवारी और तहसीलदार ने ऐसा क्यों किया! यदि गलती पायी जाती है! तो मामले की जानकारी कलेक्टर को देंगे! जानकारी देते चलें कि घूरू पटवारी मनमोहन सिदार ने जानबूझकर तहसीलदार से जानकारी छिपाकर स्थगन आदेश के खिलाफ नामांतरण कराया! जमीन माफियों से जमकर सौदा किया है!
क्या है मामला
जानकारी देते चलें कि साल 2021 में घूरू स्थित कुछ विवादित खसरों पर तत्कालीन एसडीएम ने नामांतरण और रजिस्ट्री पर रोक लगा दिया! तत्कालीन एसडीएम ने खसरा नम्बर 91/3,92/3,93/3,94/2 और 95/2 की रजिस्ट्री और नामांतरण पर पूरी तरह रोक लगाते हुए स्थगन आदेश जारी किया! आदेश के बाद टुकड़ों में जमीन के खरीददारों ने कई बार नामांतरण का प्रयास किया! तत्कालीन तहसीलदार अश्वनी कंवर ने स्थगन आदेश का हवाला देकर नामांतरण से इंकार कर दिया! लेकिन अश्वनी कंवर के हटते ही जिम्मेदारी संभालने वाले नए तहसीलदार ने पहले तो स्थगन आदेश का हवाला देकर नामांतरण से मना किया! इसके बाद देखते ही देखते स्थगन आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए आधा दर्जन से अधिक नामांतरण कर दिया!
पटवारी ने छिपायी जानकारी या मिलीभगत
मामला उस समय सामने आया जब केशव प्रसाद चतुर्वेदी ने भी 91/3 से खरीदी गये टुकड़े का नामांकन के लिए आवेदन किया! तत्कालीन तहसीलदर ने एसडीएम स्थगन का हवाला देकर नामांतरण से इंकार कर दिया! जबकि इसी खसरे से तहसीलदार ने पटवारी के कहने पर अलोक गुप्ता, डाली चौहान, रिंकी गुप्ता और प्रशांत मिरी का नामांकन कर दिया! जबकि इनका भी खसरा 91/2 है! विभागयी जानकारी के अनुसार दरअसल चारों से पटवारी मनमोहन सिदार ने लम्बी वसूली किया! केशव से बात नहीं बनी तो उसके मामले में स्थगन का हवाला देकर नामांतरण नहीं होने दिया! विभागीय जानकारी देने वालों की मानें तो चारो नामांतरण में पटवारी ने तहसीलदार या तो स्थगन आदेश की जानकारी नहीं दिया..या फिर लेन देन कर नामांतरण को होने दिया! लेकिन फंस गया बेचारा केशव…
मामले की करेंगे जांच..एसडीएम
मामले में एसडीएम शिव कंवर ने बताया कि मामले मे जांच करेंगे। अभी तक लोगों ने गलत जानकारी दी है! कागजात निरीक्षण कर पता लगाएंगे कि आखिर एक ही खसरे में दो आदेश कैसे संभव है! यदि चार का नामांतरण हुआ है! तो पांचवे का भी होना चाहिए! यदि स्थगन के बाद भी नामांतरण हुआ है..तो कार्रवाई होगी!
एडिश्वल कलेक्टर ने भी संज्ञान में लिया
एडिश्वल कलेक्टर एआर कुरूवंशी ने कहा कि मामला सामने आया है! लेकिन क्षेत्राधिकार उनका नहीं है! बावजूद इसके कुरूवंशी ने एसडीएम को फोन कर मामले की जांच करने को कहा है!
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