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21 Jan 2026, Wed

निगम की बेरुखी से टूटा आशियाना, कैंसर पीड़ित मासूम की सदमे में मौत, शव लेकर परिजनों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन…

बिलासपुर,,, न्यायधानी के जिला मुख्यालय से शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई है! जहाँ लिंगियाडीह- चिंगराजपारा में मकान तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद मृत कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत से उत्तेजित मोहल्लेवासी पीड़ित परिजनों के साथ मृत बच्चे का शव एम्बुलेंस में लेकर भारी संख्या में कलेक्टरेट में प्रदर्शन करने पहुँचे!

जहाँ पूरे रास्ते भर जाम लगा रहा पर न तो पुलिस पहुँची न विपक्षी कांग्रेसी पुलिस को तब पता चला जब एम्बुलेंस रिवर व्यूव पहुँच गई! और फिर एम्बुलेंस को रोकने दौड़ लगाई परन्तु तब तक एम्बुलेंस कलेक्ट्रेट पहुँच गई! परिजनों और मोहल्लेवालों ने मासूम बच्चे अंशुल के शव को कलेक्ट्रेट के गेट पर रखकर प्रदर्शन करते हुए निगम के अफसरों पर कार्रवाई और वही घर बनाकर देने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया!


ये है मामला


अपोलो के आगे चिंगराजपारा रोड के ढलान पर संतोष यादव का घर था! संतोष के लगभग 7-8 वर्षीय पुत्र अंशुल कैंसर रोग से पीड़ित था! संतोष और उसकी पत्नी सिद्धि उसका उपचार कराने रायपुर गए थे! इस दौरान उनके 3 बच्चे घर पर थे! उन लोगो ने बताया भी कि उनके माता-पिता भाई को इलाज कराने रायपुर लेकर गए पर निगम के अफसरों का कलेजा नही पसीजा और पूरे मकान को ढहा दिया गया!

जबकि संतोष ने मोबाइल पर अफसरों से चर्चा कर उन्हें अपनी स्थिति से अवगत करा 2-4 दिन की मोहलत भी मांगी थी! घर टूटने की खबर से हताश बीमार बच्चे को सदमा लगा और गुरुवार रात बच्चे ने दम तोड़ दिया!
निगम प्रशासन की अमानवीयता और बच्चे की मौत से भड़के परिजन सुबह से बच्चे का शव आने की प्रतीक्षा कर रहे थे! जैसे ही एम्बुलेंस बच्चे का शव लेकर लिंगियाडीह में उनके ढहाए गये मकान के मलबे के पास पहुँचे, स्थिति तनावपूर्ण हो गई! इसके बाद सड़क पर उतरी उत्तेजित भीड़ ने निगम के तोड़फोड़ के काम को बंद करने की चेतावनी दी और शव को एम्बुलेंस के साथ लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे, इसके कारण पूरे रास्ते भर जगह- जगह जाम लगा रहा और इसके बाद कलेक्ट्रेट में हंगामा मचा रहा!

परिवार का घर बुलडोजर से ढहा दिया गया! जिसका मासूम बेटा गंभीर बीमारी से ग्रसित और रायपुर के हॉस्पिटल में भर्ती है! माता पिता की अनुपस्थिति में बच्चे सामने बैठ कर रोते बिलखते रहे, पर किसी का कलेजा नही पसीजा उनका घर ढहा दिया गया समाज की पक्षधर मेयर यहाँ नही पहुँची..

मामला लिंगियाडीह अपोलो हॉस्पिटल के जस्ट बाद चिंगराजपारा ढाल का है

इस बिखरे मकान के मलबे और इसके गरीब मालिक – मालकिन को देखिए ये कैसे फुट- फूटकर रो रहे है! और अपने साथ हुई! नाइंसाफी को रुंधे गले से बता रहे है!

इनका कहना है! कि पहले निगम के अफसरों ने तोड़फोड़ के लिए केवल 1 कमरे को चिन्हाकित किया था! पर पूरे मकान को ढहा दिया, बच्चों ने बताया कि अम्मा बाबू नही है! भाई को लेकर इलाज के लिए रायपुर गए है! परंतु किसी ने उनकी नही सुनी, वे रोते बिलखते रहे, उनका यह भी आरोप है कि रहने के लिए जो मकान दिया गया है! वो रहने लायक नही है! एकदम जर्जर है! वहाँ पानी तक की व्यवस्था नही है!

मांगा इलाज के लिए मदद तो तोड़ दिया घर, तो दुनिया ही छोड़ दी


अंशुल वही बीमार बच्चा है! जिसके इलाज के लिए वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल बच्चे और उसके परिवार के साथ गत दिनों कलेक्टर से गुहार लगाने पहुचे थे!


नियम सिर्फ चैतू- बैशाखू के लिए


करीब घण्टे भर बाद परिजनों को कलेक्टर ने बुलाया मृत बच्चे के परिजन और मोहल्लेवासी कलेक्ट्रेट के गेट पर करीब घण्टे भर एम्बुलेंस में शव लेकर भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर भड़ास निकालते रहे! तब कहि करीब घण्टे भर बाद उन्हें कलेक्टर से मिलाने ले जाया गया!

मेयर के हड़काने के बाद ज्वाली नाला मार्ग से रसूखदारों का अवैध निर्माण को तोड़ना छोड़ लिंगियाडीह- चिंगराजपारा में कार्रवाई करने पहुँचा निगम का अमला गरीबो के आगे शेर बनकर दहाड़ता रहा! गरीबो की चीख पुकार तक नही सुनी जाती लोगो ने आवाज उठाई की निगम का अमला रसूखदारों और बिल्डरों के खिलाफ क्यो कार्रवाई की हिम्मत क्यो नही करता क्या सारा जोर गरीबो के आशियानों को उजाड़ने के लिए है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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