
बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है! जहां पत्नी की फार्मेसी की मार्कशीट को स्कैन कर पति ने उसे अपने नाम से बना लिया और एक फार्मा कंपनी में मैनेजर बन गया! इसी दौरान पति-पत्नी में ऐसी अनबन हुई कि दोनों में तलाक हो गया! पति ने जब दूसरी शादी कर ली तब पूर्व पत्नी ने पति की सारी कारगुजारी की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज करा दी! मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है!
मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा के राजकिशोर नगर निवासी महिला शालिनी कलशा ने बी फार्मा किया है! उसकी शादी संकल्प तिवारी से हुई थी! शादी के कुछ साल बाद ही उनके बीच विवाद शुरू हो गया! बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने एक-दूसरे से तलाक ले लिया! इस बीच संकल्प ने दूसरी शादी कर ली!
पूर्व पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत
वर्तमान में संकल्प एस्ट्रा जेनेका फार्मा कंपनी में नौकरी कर रहा है! इधर दूसरी शादी होने पर पूर्व पत्नी शालिनी सिविल लाइन थाने पहुंची और अपने पति के खिलाफ फर्जी मार्कशीट के जरिए नौकरी करने की शिकायत दर्ज कराई है! उसने बताया कि उसके पति के पास खुद की फार्मेसी की डिग्री नहीं है! इसके बाद भी वो फार्मा कंपनी में नौकरी कर रहा है! तलाक के बाद जब उसने इसे लेकर पतासाजी की तो पता चला कि संकल्प ने उसकी डिग्री को ही स्कैन कर अपने नाम पर बना लिया है! जिसके सहारे वो फार्मा कंपनी में एरिया मैनेजर बन गया है! शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है१
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि संकल्प उसे बिना बताए मार्कशीट स्कैन कर कई कंपनियों में नौकरी कर चुका है! वर्तमान में वह एस्ट्रा जेनेका नामक फार्मा कंपनी में पदस्थ है! इससे पहले जीएसके प्राइवेट लिमिटेड, कैडिला फार्मा, सीरिया, वेनवटी, एमएसडी जैसी कंपनियों में एरिया मैनेजर समेत अन्य पदों पर नौकरी कर चुका है!
इस मामले में पुलिस ने जब आरोपी संकल्प से पूछताछ की, तब उसने पत्नी की सहमति से उसकी मार्कशीट को स्कैन कर अपने नाम करने और फार्मा कंपनी में जॉब करने की बात कही। दोनों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। बहरहाल इस मामले पर दोनों का बयान दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार पत्नी की फार्मेसी डिग्री की मार्कशीट स्कैन कर फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने का मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) और आईटी एक्ट की धाराएं 66C व 66D लागू होती हैं। दोष सिद्धी पर सात साल सजा का भी प्रावधान है!
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