
बिलासपुर,,, जिले के हिरीं थाना क्षेत्र अंतर्गत खरकेना गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया! रविवार रात मंझले भाई लेखूराम ने अपनी पत्नी और बेटों के साथ मिलकर बड़े भाई फेंकूराम की बेरहमी से हत्या कर दी!


विवाद की जड़: जमीन का बंटवारा
पुलिस के अनुसार, मृतक फेंकूराम अपने भाइयों के साथ पहले ही जमीन का बंटवारा कर चुका था! लेकिन छोटे भाई नारद का नाम राजस्व रिकॉर्ड (पट्टा) में शामिल नहीं था। जब फेंकूराम ने नारद को उसका हिस्सा दिलाने की बात कही, तो मंझला भाई लेखूराम इससे भड़क गया। दोनों भाइयों में बहस हुई, जो बाद में जानलेवा हिंसा में बदल गई।
हमलावर बने पत्नी और बेटे भी
लेखूराम ने इस हमले को अकेले अंजाम नहीं दिया। उसकी पत्नी महेशिया और तीन बेटे—मिलाप, ईश्वर और एक नाबालिग—ने भी मिलकर लाठी और सब्बल से फेंकूराम पर हमला किया। इस दौरान एक बेटे ने सब्बल फेंकूराम के पेट में घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल फेंकूराम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
एक ही दिन में दो पारिवारिक हत्याएं
यह घटना उसी दिन हुई जब सकरी थाना क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद में पत्नी की तवा से हमला कर हत्या कर दी। वहां विवाद बच्ची की छट्ठी को लेकर हुआ था।
आरोपी हिरासत में
हिरीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लेखूराम, उसकी पत्नी और बेटों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में पारिवारिक कलह और जमीन विवाद को हत्या की वजह बताया गया है।
यह घटना सिर्फ कानून व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का भी गंभीर प्रश्न उठाती है। आपसी संवाद और कानूनी मार्ग से ऐसे विवादों को सुलझाया जा सकता है—हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
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