
रायपुर,,,, ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में अत्याधिक लाभ का झांसा देकर 2.66 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है! इस मामले में गुजरात, झारखंड और आंध्रप्रदेश से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है!
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने विशेष निर्देश जारी करते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्य के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे! इसके तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हाई-टेक तरीकों से ठगी करने वाले इस गिरोह को बेनकाब किया है!
प्रार्थी हेमंत कुमार जैन ने थाना गुढियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी! कि उन्हें शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर कुल ₹2.66 करोड़ की ठगी की गई है! इस पर अपराध क्रमांक 268/25, धारा 318(4), 3(5) भा.न्या.सं. के तहत केस दर्ज कर रेंज साइबर थाना रायपुर को विवेचना सौंपी गई!
ऑपरेशन की रणनीति और छापेमारी:
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेसिंग और जालसाजों की गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन कर आरोपियों की पहचान की! यह सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद लगातार राज्य बदलकर ठिकाने बदलते रहे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें!!!
एक साथ गुजरात (अहमदाबाद, गांधीनगर), झारखंड (हजारीबाग) और आंध्रप्रदेश (ईस्ट गोदावरी) में पुलिस की टीमों ने रेड की! छापेमारी में साइबर ठगी से संबंधित दस्तावेज, आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए!
आरोपियों का प्रोफाइल और नेटवर्क:
यह कोई आम अपराधी नहीं थे! इस गिरोह में शामिल सदस्य उच्च शिक्षित और संगठित नेटवर्क से जुड़े थे!
- शेख बाबा, MBA (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)
- प्रियांक ब्रम्हभट्ट, IT ग्रेजुएट
- अन्य दो आरोपी नागेंद्र महतो और अशोक खैराती लाल, ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउस व्यवसाय से जुड़े थे!
ये सभी आरोपी तेजी से पैसा कमाने की लालसा में एक दूसरे के संपर्क में आए और एक साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का हिस्सा बन गए!
संपत्ति अटैच करने की तैयारी:
पुलिस ने आरोपियों द्वारा ठगी की रकम से खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त कर लिए हैं! और कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है!!!
गिरफ्तार आरोपी:
- अशोक खैराती लाल – ईशानपुर, अहमदाबाद, गुजरात
- नागेंद्र कुमार महतो – हजारीबाग, झारखंड
- शेख बाबा – मन्डापेटा, ईस्ट गोदावरी, आंध्रप्रदेश
- प्रियांक ब्रम्हभट्ट – पाटन, गुजरात
न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया:
चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साइबर ठगी में उपयोग किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म, अकाउंट और लेन-देन की जांच भी गहनता से की जा रही है।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है! यह केस एक चेतावनी भी है उन लोगों के लिए जो कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने के लालच में ऐसे फ्रॉड जाल में फंस जाते हैं! रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर निवेश योजनाओं से सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर भरोसा न करें!!!
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