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28 Jan 2026, Wed

श्याम सदन में गीताप्रेस केंद्र का शुभारंभ, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के तीखे बयानों ने उद्घाटन को बना दिया वैचारिक रणभूमि, धर्मांतरण नहीं ‘मतांतरण’ कहकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में डाला बौद्धिक हलचल का तड़का…

बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ राज्य सराफा एसोसिएशन द्वारा बिलासपुर के सदर बाजार स्थित श्याम सदन में गोरखपुर गीताप्रेस केंद्र की शुरुआत की गई! इस केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रचिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने विधिवत पूजा-अर्चना कर फीता काटा! इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण पर तीखी प्रतिक्रिया दी!!!!


पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा – “धर्म का अर्थ होता है कर्तव्य। ‘धर्मांतरण’ शब्द कहीं नहीं होता, असल में ‘मतांतरण’ होता है! जब कोई अपने मत को छोड़ देता है! तो वह अपनी मां को ही छोड़ देता है!
संविधान बचाओ यात्रा और संविधान हत्या दिवस के सवाल पर उन्होंने कहा – “मैं कोई पॉलिटिशियन नहीं हूं! जो इन राजनीतिक अभियानों पर प्रतिक्रिया दूं!”


वहीं, एनसीईआरटी की कक्षा 8 की किताब से अकबर के अध्याय को हटाए जाने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवाल को टाल गए! प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बार उन्होंने पत्रकारों से ही सवाल पूछने शुरू कर दिए!!!


इस दौरान कुलश्रेष्ठ ने बीजेपी नेत्री नूपुर शर्मा का जिक्र करते हुए कहा – “उसने जो सवाल पूछा था, उसकी कीमत आज भी दो कमरे में कैद होकर चुका रही है, वहीं कोई दूसरा वही बात कह दे तो वह खुलेआम घूम रहा है।”
गीताप्रेस केंद्र के शुभारंभ के साथ ही सांस्कृतिक विचारों के प्रचार-प्रसार की एक नई कड़ी जुड़ गई है, लेकिन पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ की बयानबाज़ी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और वैचारिक बहस का केंद्र भी बना दिया।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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