
बिलासपुर,,, तारबाहर, सिविल लाइन और सिरगिट्टी ये तीन अलग-अलग थानों में गंभीर मामलों में नाम आने वाला स्माइल खान पिछले लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है!


ताजा मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है! जहां पुरानी रंजिश में लूट और धारदार हथियार से हमला किया गया! आरोपी पर पहले से ही कई मामलों में प्रकरण दर्ज हैं! लेकिन हर बार वारदात के बाद यह फरार हो जाता है! और पुलिस महीनों तक सिर्फ “तलाश जारी” का रटा-रटाया जवाब देती रहती है!

ताजा मामला — हमला, लूट और बाइक में आग
गुरुवार शाम सिरगिट्टी निवासी राहुल गोस्वामी और उनका दोस्त बजरंग कुमार दही लेकर लौट रहे थे! तितली चौक के पास पुरानी रंजिश के चलते स्माइल खान और उसके साथियों के साथ कहासुनी हुई! कुछ ही पलों में यह विवाद हमले में बदल गया! धारदार हथियार और बेसबॉल बैट से वार कर राहुल को घायल कर दिया गया!!!
₹20,000 नकद और बुलेट मोटरसाइकिल लूटकर आरोपी फरार हो गए! इसके बाद लूटी गई बाइक को आग के हवाले करने की भी जानकारी सामने आई है!

पहले भी कर चुका है गंभीर वारदातें
करीब एक महीने पहले, बिलासपुर सेंट्रल जेल के सामने मोहनिश गोस्वामी और उनकी मां पर भी पीछे से हमला करने का मामला दर्ज हुआ था! उस घटना में भी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया था! इसके अलावा सिरगिट्टी, तारबाहर और सिविल लाइन में कई मामलों में नाम आने के बावजूद, पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है!
पुलिस और क्राइम ब्रांच पर कटाक्ष
शहर में चर्चा है! कि जब तीन-तीन थानों में गंभीर धाराओं में आरोप दर्ज हो और महीनों से फरार हो, तो या तो पुलिस उसे पकड़ना नहीं चाहती, या फिर कहीं से उसे “विशेष संरक्षण” प्राप्त है!
क्राइम ब्रांच के “विश्वसनीय सूत्र” आखिर कहां गायब हैं?
जो छोटी-छोटी कामयाबियों पर प्रेस नोट और फोटोशूट करवाते हैं! वो महीनों से फरार एक आरोपी को ढूंढ क्यों नहीं पा रहे? क्या यह सिर्फ संयोग है! या फिर “तलाश” शब्द अब कार्रवाई की जगह नया बहाना बन चुका है?
क्या बड़ी घटना का इंतजार है?
सबसे बड़ा सवाल यही है! क्या पुलिस इंतजार कर रही है! कि यह आरोपी किसी नेता या अधिकारी के बेटे पर हमला करे, या फिर किसी की हत्या हो जाए, तब जाकर धर-पकड़ शुरू होगी? क्या शहर की सुरक्षा इतनी लापरवाह हो चुकी है! कि एक आरोपी खुलेआम घूमता रहे और कार्रवाई सिर्फ कागजों में होती रहे?
जनता की चिंता
ऐसे मामलों से कानून-व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है! जनता को लगने लगा है! कि गंभीर अपराधों में भी गिरफ्तारी महीनों तक टाली जा सकती है! और आरोपी बेखौफ घूम सकते हैं!
अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यही लापरवाही किसी बड़ी वारदात की वजह बन सकती है! तब न पुलिस के पास सफाई होगी और न ही जनता के पास भरोसा!
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