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तिफरा की फैक्टरी में महिलाओं के प्रवेश पर रोक बोर्ड देख भौंचक हुए लोग, भेदभाव या सुरक्षा? जवाब देने से कतरा रहा प्रबंधन, उठने लगे संविधान और हक़ के सवाल…

बिलासपुर,, तिफरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक रंग पेंट बनाने वाली फैक्टरी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है! फैक्टरी के मुख्य द्वार पर बड़े अक्षरों में चेतावनी लिखी गई है! कि महिलाओं का प्रवेश  पूर्णतः वर्जित है! अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी! यह चेतावनी क्षेत्र में कामकाजी लोगों और राहगीरों को चौंकाने वाली लग रही है! क्योंकि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में इस तरह का भेदभावपूर्ण निर्देश बेहद असामान्य है!


फैक्टरी के चौकीदार से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने साफ कहा कि उसे इस तरह के बोर्ड के पीछे का कारण मालूम नहीं है! चौकीदार का कहना है! कि उसे केवल फैक्टरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है! बाकी फैसले प्रबंधन के स्तर पर होते हैं!
गौर करने वाली बात यह है! कि फैक्टरी के बाहर कहीं भी कंपनी का नाम या पहचान दर्शाने वाला कोई बोर्ड नहीं लगा है! न ही वहां यह स्पष्ट किया गया है! कि यह किसकी फैक्टरी है! और किन नियमों के तहत संचालित हो रही है! केवल आसपास बैठे लोग ही बताते हैं! कि यह रंग पेंट बनाने वाली फैक्टरी है!
स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है! कि आखिर महिलाओं के प्रवेश पर रोक क्यों लगाई गई है…? क्या फैक्टरी के अंदर सुरक्षा संबंधी कोई कारण है! या फिर यह कदम केवल भेदभावपूर्ण मानसिकता का परिणाम है…? अभी तक इस संबंध में फैक्टरी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है!
कानूनी जानकारों का कहना है! कि किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान में केवल लिंग के आधार पर प्रवेश प्रतिबंधित करना भारतीय संविधान और श्रम कानूनों की भावना के विपरीत है! यदि फैक्टरी प्रबंधन सुरक्षा कारणों से महिलाओं को प्रवेश नहीं दे रहा है! तो उसे स्पष्ट कारण और वैकल्पिक व्यवस्था बतानी होगी!
फिलहाल, इस अजीबोगरीब चेतावनी ने तिफरा औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है! और लोग फैक्टरी प्रबंधन से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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