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26 Jan 2026, Mon

गणेश चतुर्थी या ग्लैमर शो? फैंसी मूर्तियों ने आस्था को दी चुनौती, श्रद्धालु बोले- भगवान का नहीं, बना दिया फैशन स्टेज…




बिलासपुर,,,, गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है! लेकिन इस बार बिलासपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में मनाए जा रहे उत्सव में एक अलग ही तस्वीर सामने आई है!परंपरागत गणेश प्रतिमाओं की जगह फैंसी और कार्टूननुमा स्वरूपों ने ले ली है! जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं!


शहर और ग्रामीण इलाकों के कई पंडालों में भगवान गणेश को कार्टून कैरेक्टर के रूप में विराजमान किया गया है! कुछ जगहों पर रिद्धि-सिद्धि को फ्रॉक और वेस्टर्न परिधान पहनाए गए हैं! श्रद्धालुओं का कहना है! कि यह आस्था का नहीं, बल्कि प्रदर्शन का पर्व बनता जा रहा है! इस तरह की प्रतिमाएं हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं! यह भगवान का नहीं, बल्कि किसी शो का मंच लगता है!सिर्फ मूर्तियाँ ही नहीं, पंडालों की सजावट भी एक प्रतियोगिता जैसी हो गई है! भड़कीले लाइट्स, ऊंचे-ऊंचे मंच और महंगे सजावटी सामान के चलते पूजा का माहौल कहीं खो सा गया है!

👆 बिलासपुर दयालबंद 👆


अब पूजा कम और प्रदर्शन ज्यादा हो गया है! यह धार्मिक आयोजन नहीं, फैशन शो बनता जा रहा है! इस मुद्दे को लेकर जनता में गहरी नाराजगी है! कई संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है! कि मूर्तियों के स्वरूप पर नियंत्रण हो और धार्मिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए!


हम चाहते हैं! कि भगवान का स्वरूप पारंपरिक ही हो! ऐसे प्रयोग हमें स्वीकार नहीं धार्मिक विद्वानों का मानना है! कि यह स्थिति धार्मिक शिक्षा की कमी और दिखावे की प्रवृत्ति का परिणाम है! उनका कहना है! कि गणेश चतुर्थी जैसे पावन पर्वों का आयोजन हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के अनुरूप होना चाहिए! परंपरा से हटकर कोई भी प्रयोग श्रद्धा की भावना को ठेस पहुंचा सकता है! समाज को जागरूक होना होगा!


बिलासपुर में गणेश चतुर्थी को लेकर उठे इस मुद्दे ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है! क्या हम आस्था के नाम पर परंपराओं से भटक रहे हैं? प्रशासन और समाज को इस दिशा में मिलकर कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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