
बिलासपुर,,, शहर के वीआईपी इलाके सिविल लाइन थाना क्षेत्र से भाजपा नेत्री के बेटे की दबंगई का मामला सामने आया है! जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं! बल्कि राजनीतिक रसूख के दुरुपयोग की पोल भी खोल दी है! यह पूरा मामला व्यापार विहार क्षेत्र में घटित हुआ, जहां भाजपा नेत्री का बेटा यशराज सिंह अपने दोस्तों के साथ मौजूद था!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यशराज सिंह ने किसी मामूली बात को लेकर अपने ही साथी के साथ विवाद कर लिया और देखते ही देखते बोतल से हमला करते हुए उसकी पिटाई कर दी! यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई! जिसमें यशराज की गुंडागर्दी साफ तौर पर देखी जा सकती है! वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है!
चौंकाने वाली बात यह है! कि घटना के बाद आरोपी यशराज सिंह खुद को पीड़ित बताते हुए सीधे सिविल लाइन थाने पहुंच गया और उल्टा अपने ही साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी! बताया जा रहा है! कि यशराज थाने में अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा!
हालांकि, पुलिस का दावा है! कि मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है! अगर आरोप सही पाए गए तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी! इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है! कि क्या राजनीतिक पहुंच वाले लोग कानून से ऊपर हैं?
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.27बिलासपुर में “स्टे ऑर्डर आया, बुलडोजर नहीं थमा—पट्टा दिखाते रह गए लोग, घर हुआ तबाह प्रशासन बोला नियम, परिवार बोला जुल्म; मस्तूरी में ‘कानून बनाम बुलडोजर’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा छाया…
Uncategorized2026.04.27बिलासपुर में “फायर ब्रिगेड बनी ‘फ्लाइंग ब्रिगेड’—डिवाइडर पर चढ़ी गाड़ी, पीछे से बलेनो की एंट्री; तेज रफ्तार का खेल, किस्मत अच्छी रही, वरना बन जाता बड़ा हादसा, सड़क पर मचा हड़कंप…
Uncategorized2026.04.27निगम का ‘डबल स्टैंडर्ड’ शो, गरीबों पर बुलडोजर स्पीड, अमीरों पर लीगल ब्रेक; रात नोटिस, सुबह उजाड़, उधर अवैध महल पर पुट्टी-सफेदी जारी! सवाल वही कानून सबके लिए बराबर या रसूख वालों के लिए वीआईपी पास?….
Uncategorized2026.04.27जनआक्रोश सम्मेलन बना “खाली कुर्सी महोत्सव”—नेत्रियां मंच पर, कार्यकर्ता गायब; गुस्से की जगह सन्नाटा गूंजा, फोटो-सेल्फी तक सीमित रहा आयोजन, अंदरूनी खींचतान ने खोली पोल, सवाल वही—जमीन पर कौन, और सिर्फ मंच पर कौन!
