
बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 46 गणेश नगर नयापारा जिसे फदहाखार के नाम से जाना जाता है! यहां लगभग 50 वर्षों से लोग वन विभाग के जमीन पर रह रहे हैं! लोगों का कहना है! कि जंगल की देख-रेख के लिए हमें यहां रहने की अनुमति उस समय दी गई थी!
लगभग 50 वर्ष हो गए हमें यहां निवास करते हुए और शासन प्रशासन की सारी योजनाओं का लाभ हमें मिल रहा है! और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हो रही है जैसे रोड नाली पानी बिजली नगर निगम का सांकेतिक बिल्ला नंबर, मकान नंबर, राशन कार्ड वोटर आईडी कार्ड, यहां तक की वोट डालने का अधिकार भी हमें मिल रही है और हम अभी तक लोकसभा विधानसभा चुनाव में मतदान भी करते आ रहे हैं।
विगत दिनों हमें वन विभाग की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था जिसमें जल्द से जल्द मकान खाली करने कहा गया था ऐसा न करने पर घर के समान जप्त करने कि बात आवेदकों ने मीडिया को बताई।
मंगलवार को जन दर्शन में कलेक्टर संजय अग्रवाल को आवेदन सौपी गई और अपनी समस्याओं से अवगत करवाया गया जिस पर कलेक्टर ने इसे संज्ञान में लेने की बात कही।
तो वहीं बुधवार को डीएफओ कार्यालय पहुंचकर डीएफओ के समक्ष विस्तार पूर्वक इस पर चर्चा की जिसको गंभीरता पूर्वक लेते हुए इसे उच्च अधिकारियों से चर्चा करने की बात डीएफओ ने कही है।
लोगों ने कहा कि हम संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं और आवेदन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, लोकसभा एवं राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष भारत सरकार, वन विभाग, नेता प्रतिपक्ष, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग एवं जनसंपर्क अधिकारी रायपुर के नाम वाया कलेक्टर को ज्ञापन सोपा है।
यदि इसके बाद भी हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो हम सड़क से लेकर हाई कोर्ट , सुप्रीम कोर्ट की लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार है।
लोगों ने बताया कि यहां 12 सौ परिवार निवास करते हैं और यहां की कुल आबादी लगभग 14 से 15 हजार है, 2013 में इनके द्वारा निवासरत गरीब परिवारों के विस्थापन हेतु 9 एकड़ भूमि की मांग नगर पालिक निगम बिलासपुर से की गई थी, संदर्भ के अनुसार जिला कलेक्टर से उक्त भूमि के आवंटन में अनापत्ति प्राप्त पत्र चेक लिस्ट क्रमांक 34 के अनुसार की जानी थी, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो पाया।
उन्होंने ने कहा कि यहां सारे लोग गरीब हैं रोजी-रोटी करके अपना भरण पोषण कर रहे हैं यदि एक दिन काम पर नहीं जाएंगे तो उनके घर का चूल्हा नहीं जलेगा ऐसे में वन-विभाग हमारे मकान पर बुलडोजर चलाती है तो हम कहां जाएंगे?
इसको लेकर हम मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का समाधान करने निवेदन करेंगे यदि फिर भी हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तो हम मजबूरन सड़क कि लड़ाई लड़ेंगे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
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