
बिलासपुर,,, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला – शहर कांग्रेस कमेटी ने बिजली बिल मे बेतहाशा वृद्धि, बिजली कटौती और भूपेश सरकार के 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को समाप्त करने के विरोध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के तिफरा मुख्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यालय में तालेबंदी का प्रयास किया। पर पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और ईडी (कार्यपालक निदेशक) ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत मुफ्त बिजलीं योजना की झप्पी देकर उन्हें शांत कर भेज दिया।

कांग्रेस भवन से हाथ मे तख्ती लेकर नारेबाजी करते विद्युत मुख्यालय तिफरा पहुँचे कांग्रेस जनों ने मुख्यालय के गेट पर प्रदेश सरकार और विद्युत वितरण कम्पनी के खिलाफ

नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि बिजली का लाभ उद्योगपति उठा रहे, छत्तीसगढ़ की जनता बिजलीं कटौती की मार झेल रही है, ऊपर से स्मार्ट मीटर के नाम पर अनाप- शनाप बिजली का बिल भेजा जा रहा,स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट मची है। शिकायत करने पर बिल कम नही होता बड़े बिल को मर्ज करने की बात की जाती है, इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक, पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे, कांग्रेसी नेताओ ने मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन क़ी चेतावनी दी है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.10शराब के केस में थाने आया शिव, सुबह अस्पताल में मिला मौत का मामला, पुलिस की कहानी अलग, परिजनों के आरोप अलग, थाने से अस्पताल तक बवाल, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताएगी कि हिरासत में आखिर ऐसा क्या हुआ कि शिव की जान चली गई?
Uncategorized2026.09.10खाते अपने, खेल साइबर ठगों का, कमीशन की खनक में खुलवाए बैंक खाते, करोड़ों की ठगी का पैसा घुमाया, रेंज साइबर पुलिस ने बिछाया ऐसा जाल कि 6 आरोपी फंसे, 50 शिकायतें खुलीं और करीब 4 करोड़ की धोखाधड़ी का राज सामने आ गया…
Uncategorized2026.09.10जूडयो स्टूडियो के 4.80 लाख पर चोरों ने समझा अपना राज, लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने ऐसा हिसाब लगाया कि पूरी रकम समेत दोनों आरोपी पकड़े गए अब पुलिस तलाश रही है चोरी के इस खेल में कोई तीसरा खिलाड़ी तो नहीं…
Uncategorized2026.09.09नाइट शिफ्ट में तहसील का रिकॉर्ड रूम, सर्पदंश मुआवजा कांड के बाद डेढ़ महीने से बंद नकल शाखा शाम 5 बजे बाद खुली, अंदर भीड़ देखकर पब्लिक पूछ रही आखिर अंधेरा होते ही किसके लिए खुल रहे सरकारी रिकॉर्ड के दरवाजे?
