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21 Jan 2026, Wed

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से हत्यारे की अपील खारिज अदालत ने कहा साक्षय मजबूत हो तो प्रत्यक्षदर्शी जरूरी नही

बिलासपुर,,, पत्नी की हत्या के एक मामले में ट्रायल कोर्ट से मिली सजा को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यदि परिस्थितिया और साक्छ मजबूत हो तो अपराध में प्रत्यक्षदर्शी का होना जरूरी नही

जानकारी के मुताबिक दल्ली राजहरा के दिनेश तारम ने अपने साले दुष्यंत भास्कर को 12 अप्रैल 2019 को फोन किया उसने बताया कि उसने अपने पत्नी साधना भास्कर की कुदाल मारकर हत्या कर दी है हत्या के पीछे की वजह उसने अपनी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम बताया था आरोपी का साला दुष्यंत अपने एक साथी को लेकर अपने जीजा के घर ग्राम झपारा पहुचा वहाँ उसकी बहन साधना आंगन में मृत अवस्था मे पड़ी थी उसके शव पर गहरे जख्म के निशान मौजूद थे उसकी बहन पर धारदार औजार से हमला हुवा था जिससे खून चारों तरफ दिख रहा पड़ा था जिसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही सुकमा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने अपनी जांच के बाद पति दिनेश को गिरफ्तार किया गया और विवेचना कर केस डायरी ट्रायल कोर्ट में पेश की गई सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई वहीं आरोपी ने निचली अदालत के फैसले खिलाफ हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपील की याचिका में उसने बताया कि घटना में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है स्थिति जाना के साक्षयके आधार पर उसे सजा दी गई है लेकिन आरोपी की अपील जस्टिस रजनी दुबे की बेचने की खारिज कर दी कोर्ट ने कहा कि इस मामले में स्थिति जैन सबूतो की प्रश्न प्रचुरता है आरोपी की बेगुनाही का निष्कर्ष निकालने का उचित आधार नहीं है स्पष्ट हुआ है कि सभी मानवी संभावनाओं में यह कार्य आरोपी ने किया होगा

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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