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22 Jan 2026, Thu

गाइडलाइन दरों पर सरकार का पलटवार: बृजमोहन के दबाव में U-टर्न, पर बिलासपुर के छोटे प्लॉट अब भी अटके—जनता पूछे, नेता कब जागेंगे?”

बिलासपुर_रायपुर,,, पूर्व मंत्री व सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दखल ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीनों की नई गाइडलाइन दरों से माहौल खदबदाने के बाद सरकार को यूटर्न लेने विवश कर दिया… वही बिलासपुरिहा नेताओ की खामोशी और कमजोरी के कारण छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री पर कोई निर्णय नही हो सका…


      
सरकार ने विभिन्न हितधारकों से प्राप्त ज्ञापन, सुझाव एवं प्रस्तावो के परीक्षण के बाद  केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के हवाले से नगरीय क्षेत्रो में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त करते हुए पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डिसमिल तक, और नगर पंचायत में 25 डिसमिल तक स्लैब दर से मूल्यांकन के प्रावधान को यथावत लागू करने के साथ ही बहुमंजिला भवनों में फ्लैट / दुकान / कार्यालय अंतरण होने पर सुपर बिल्टअप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित किए जाने का निर्णय लिया है! अब इनका मूल्यांकन बिल्टअप एरिया के आधार पर किया जाएगा!
  इसके अलावा बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10% कमी, द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20% कमी के साथ मूल्यांकन कर मध्यम वर्ग को भी किफायती दर पर फ्लैट दिलाने झप्पी दी गई है! वही कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर पश्चात् स्थित संपत्ति के लिए भूखंड की दर में 25% कमी कर मूल्यांकन कर ज़िला मूल्यांकन समिति को यह निर्देशित करने निर्णय लिया गया है! पर सवाल यह उठ रहा कि छोटे प्लाटों की बिलासपुर में रोकी गई रजिस्ट्री से आम पब्लिक को राहत दिलाने जनता के चुने जनप्रतिनिधि कब आवाज उठाएंगे! क्योंकि सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र ने सीमेंट के सरकारी टैक्स के बाद इस बड़े मुद्दे पर सरकार को निर्णय बदलने विवश कर दिया!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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