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21 Apr 2026, Tue

बैनर में फ्री इलाज, भीतर नकद वसूली! आयुष्मान के भरोसे आई बिटिया, अपेंडिक्स भी नहीं संभला, शिवा हॉस्पिटल से रेफर, जेब ढीली, जमीन–मंगलसूत्र गिरवी, स्वास्थ्य सिस्टम पर फिर बड़ा सवाल…

00 मोपका सीपत रोड पर शिवा हॉस्पिटल के सामने मुफ्त इलाज के दावे वाला पोस्टर…

00  बैनर पोस्टर और ढिंढोरे तक ही सीमित है! आयुष्मान योजना
00  कह रहे लोग जमीन, मंगलसूत्र गिरवी रखना बेचना पड़ रहा… किस काम की ऐसी आयुष्मान योजना…



बिलासपुर,,,  कोरोना कॉल के बाद शहर में निजी हॉस्पिटल्स और मेडिकल स्टोर्स का रई आ गया है! इनमें ज्यादातर अस्पताल रिफरल सेंटर बनकर उभरे है! अरपा पार सीपत रोड मोपका के शिवा हॉस्पिटल मल्टी स्पेशियलिटी यूनिट से भी कुछ ऐसी ही तस्वीरे सामने आई है! और आरोप लग रहे है!


यहाँ मुख्यद्वार पर आयुष्मान से निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध होने के दावे वाला बड़ा बोर्ड लगा है! पर इस बोर्ड पर लिखे निशुल्क इलाज के दावे की हकीकत क्या है! आप भी जान लीजिए… हकीकत ये है! कि इस मल्टी स्पेशियलिटी के दावे वाले शिवा हॉस्पिटल में अपेंडिक्स तक का इलाज नही है!

मरीज को दूसरे हॉस्पिटल ले जाने पहुची एम्बुलेंस…

ये हम नही कोटा क्षेत्र के घोरामार निवासी अशोक यादव कह रहे जो अपनी बेटी शालिनी को गत शुक्रवार को यहां अपेंडिक्स का इलाज कराने लेकर आये थे! रविवार को अशोक अपनी लाइलाज बेटी को यहाँ से कृषणा हॉस्पिटल ले जाने बाहर एम्बुलेंस के पास खड़े दिखे!

अशोक ने बताया कि वह आयुष्मान कार्ड के भरोसे अपनी बिटिया का इलाज कराने यहां आये थे! शुक्र, शनि और रविवार को आधे दिन यानि ढाई दिन का 25-26 हजार बिल जमा करा लिए इलाज कुछ हुआ नही, पूछने पर बता रहे अपेंडिक्स है! इलाज में 15 दिन, 4 माह और महीनों भी लग सकता है! एक मैडम आई थी! कृष्णा हॉस्पिटल के पास लेकर आने पर सम्पूर्ण इलाज कराने की बात कही है! वही लेकर जा रहे है!

मरीज शालिनी को दूसरे हॉस्पिटल ले जाते परिजन….

ये हकीकत है! छत्तीसगढ़ और खासकर बिलासपुर न्यायधानी में चिकित्सा व्यवस्था की जहां जिला अस्पताल और सिम्स मेडिकल कॉलेज के होते हुए अंचलवासी अपने और अपने बीमार घायल मरीजो के इलाज के नाम पर खून के आंसू रोने विवश है! बिलासपुर की जनता ने इन 25 सालो में दो- दो स्वास्थ्य मंत्री दिए बावजूद इसके ये हाल है!

बर मरे कन्या मरै टाइप है हाल…

पूरी स्वास्थ्य बिचौलियों और दलालों के भरोसे चल रही है! सिम्स में कई बार ऐसे मामले पकड़े जा चुके है! जो मरीजो को बरगला अच्छे इलाज का दावा कर निजी अस्पताल ले जाने फिर वहां पैसा खत्म होने पर वापस सरकारी अस्पताल या क्षमता होने पर और अच्छा उपचार कराने दूसरे निजी अस्पताल ले जाकर अपना हिसाब किताब जमाने रोज पैतरा आजमा रहे है!

जिले के स्वास्थ्य महकमे की स्थिति किसी से छिपी नही है! कि महकमा किस कदर बेबस है! तभी तो दर्जनों मामले सामने आए शिकायते हुई पर आज तक किसी मामले में कोई कार्रवाई नही की गई!

ढिंढोरा और बेनर पोस्टर में चकाचक, जमीन में फटेहाल…

जिले का स्वास्थ्य महकमा रंगा खुश तो सब खुश टाइप चल रहा… परम्परानुसार मंत्री के लग्गू भग्गुओ को सप्लाई, ट्रांसफर, पोस्टिंग का जैसा होता आ रहा हो रहा… भारत सरकार की आयुष्मान योजना आसमान पर है!

जो दावों से कोसो दूर बैनर पोस्टर पर ही शोभा बढ़ा रहे… नेता, मंत्री और अफसर आयुष्मान से मुफ्त इलाज का ढिंढोरा पीट रहे बैठकों में कार्ड बनाने की स्थिति की समीक्षा की जा रही पर इससे मिलने वाले इलाज की क्या गत है! देखने वाला कोई नही है!लोग योजना के कार्ड लेकर चिकित्सा के लिए दरबदर भटकने विवश है! उनका कहना है! कि जब इलाज के नाम पर जेब ढीली हो रही जमीन, मंगलसूत्र गिरवी रखना बेचना पड़ रहा तो किस काम की ऐसी आयुष्मान योजना…


सीपत रोड मोपका चौक के पहले शिवा हॉस्पिटल मल्टी यूनिट

ई है आयुष्मान योजना आयुष्मान योजना भारत सरकार की एक महती हेल्थ कार्ड योजना है! जिसके जरिए लाभार्थी परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकता है! इसमें गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन, भर्ती और दवाइयों का खर्च शामिल होता है!

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हॉस्पिटल में अपेंडिक्स की सर्जरी और उपचार की व्यवस्था है! शालिनी को उसके परिजन लामा कराकर ले गए है! आयुष्मान कार्ड सर्जिकल कैस में चलता है! यहाँ मेडिसिन डिपार्टमेंट नही है! इसलिए मरीज के परिजनों से नकद बिल लिया गया है!
ओम प्रकाश फाइनेंस अफसर शिवा हॉस्पिटल

बाइट,,, अशोक यादव

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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