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20 Jan 2026, Tue

मुक्तिधाम में इंसानियत शर्मसार, पिता की अस्थियां चोरी, नाबालिग बच्चों ने लगाए शिक्षिका समेत दो पर गंभीर आरोप, CCTV में कैद वारदात से हड़कंप, संवेदनशील मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे बड़े सवाल…

00  संवेदनशील मामले से सिविल लाइन पुलिस सकते में…
00 मृतक के नाबालिग बच्चों को भेजा मीडिया के पास…


बिलासपुर,,,,  खुद से नही सम्हला तो न्यायधानी की संवेदनशील  पुलिस ने पिता के अस्थि कलश चोरी की शिकायत लेकर पहुँचे मासूम बच्चों को प्रेस क्लब भेज दिया… मामला अस्थि चोरी कर संपत्ति हड़पने के आरोप का है!  जिले के भारतीय नगर मुक्तिधाम से एक बेहद संवेदनशील और आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है!

यहां एक नाबालिग बालक के पिता की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की पवित्र प्रक्रिया में न केवल बाधा उत्पन्न की गई… बल्कि अस्थि चोरी कर हिंदू धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है!

नाबालिग प्रथमेश ठाकरे (12 वर्ष), अनीता ठाकरे (5 वर्ष) और उनके संरक्षक मयंक वर्मा (26 वर्ष) के द्वारा की गई… शिकायत के मुताबिक गत 15 जनवरी को प्रथमेश के पिता आलोक ठाकरे की मौत के बाद उसी दिन  उनके पिता स्वर्गीय आलोक के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार भारतीय नगर मुक्तिधाम में किया गया था!

मुखाग्नि उनके नाबालिग पुत्र प्रथमेश द्वारा दी जानी थी! इस दौरान समाज के प्रतिष्ठित लोग और परिजन उपस्थित थे! आरोप है! कि अंतिम संस्कार के दौरान  खुशबू ठाकुर उर्फ अन्नू ठाकुर एवं ज्योति पाण्डेय ने मुक्तिधाम पहुँच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में विघ्न डालने का प्रयास किया जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई! समाज के वरिष्ठजनों ने उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया…!

अस्थियों की चोरी, CCTV में कैद…

आरोप है! कि दिनांक 17 जनवरी 2026 को आरोपी भारतीय नगर मुक्तिधाम से मृतक की अस्थियों को झोले में भर चोरी कर ले गए…
बताया जा रहा है! कि अस्थि चोरी की यह वारदात पूरी घटना CCTV कैमरों में भी कैद है! जिसमें आरोपी अस्थियां ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं! आरोप है! कि संपत्ति हड़पने की नीयत से अस्थि चोरी की गई है!इन आरोपियों में आरोपी  क्रमांक 2 ज्योति पाण्डेय  मस्तूरी विकासखंड के किरारी विद्यालय में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ हैं! उन पर भी संपत्ति विवाद के नाम पर अशांति फैलाने का आरोप है!शिकायत में यह भी कहा गया है! कि ज्योति पाण्डेय पूर्व में अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार के दौरान भी सार्वजनिक रूप से विवाद और गाली-गलौच कर चुकी हैं! जिसके चलते उन्हें समाज और परिवार से पृथक किया गया था! पीड़ित नाबालिग प्रथमेश ठाकरे ने अधिकारियों से मृतक की अस्थियों को  बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है! ताकि वे विधि-विधान से अस्थि विसर्जन कर सके… चूंकि ये मसला केवल कानून-व्यवस्था से ही नही बल्कि धार्मिक आस्था, मानवीय संवेदनाओं और नाबालिगों के अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है! अब देखना होगा कि पुलिस मानवीय सम्वेदनाओं और धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले पर क्या और कैसा कदम उठाती है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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