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27 Jan 2026, Tue

लालबुझक्कड़ भी चकरा जाए बिलासपुर आरटीओ दफ्तर आकर, साहब नदारद, बाबू बेबस, घर से चल रहा कार्यालय, फाइलें गाड़ी में घूम रहीं, पंजीकृत वाहनों की संख्या रहस्य, ट्रैक्टर बेलगाम, जनता खतरे में, प्रशासन मौन, व्यवस्था भगवान भरोसे…

बिलासपुर,,,  न्यायधानी में बिना RTO के चल रहे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का हाल लाल बुझक्कड़ की पाठ की तरह हो गया है!RTO है! नही बाबू है! कि कह रहे कि साहब के आदेश के बिना पंजीकृत वाहनों संख्या नही बता सकते… कडिब दो माह पूर्व न्यूज बास्केट ने RTO असीम माथुर से जिले में पंजीकृत वाहनों और खासकर ट्रैक्टरों के पंजीयन की जानकारी मांगी थी! कि जिले में कितने ट्रैक्टर किसानी और कितने व्यवसायिक कार्य के लिए पंजीकृत है! मामला कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का शहर में रेत के अवैध उत्खनन और माल ढुलाई और शहर की सड़कों पर बिल्डिंग मटेरियल लेकर फर्राटे भरने वाले ट्रैक्टरों का है! जिससे आम जन मानस पर हादसे का खतरा मंडरा रहा और हादसे हो भी रहे है! RTO साहब ने तत्काल जानकारी दे पाने में असमर्थता जताई और बाबू को इसकी जानकारी एकत्र कर अवगत कराने कहा… इसके बाद आज तक RTO साहब से भेंट ही नही हुई…

घर से चला रहे दफ्तर…

ऑफिस में पूछने पर पता चला कि RTO साहब की मूल पदस्थापना मुंगेली जिले में है! न्यायधानी बिलासपुर तो उनका प्रभार क्षेत्र है! इसके अलावा वे प्रदेश भर के RTO दफ्तरों के हाईकोर्ट के मामलों के प्रस्तुतकार भी है! यहाँ काम करने वाले लोगो ने बताया कि RTO साहब तो दफ्तर आते ही नही… कभी कभार जब किसी VIP पर्सन का आगमन होता है! वे भी आते है! बाकी रोज शाम को उनके यहाँ फाइलें हस्ताक्षर के लिए गाड़ी से उनके निवास तक लाने ले जाने अलग स्टाफ की ड्यूटी लगी है! सारा काम घर से हो रहा है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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