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13 Sep 2026, Sun

17 साल बाद आया इंसाफ—12वीं की फर्जी टॉपर पोरा बाई कांड में कोर्ट का बड़ा वार, मेहनती छात्रों के हक पर डाका डालने वालों को 5-5 साल की जेल, नकल और साजिश की पढ़ाई यहीं हुई फेल…

बिलासपुर,,, जांजगीर- चांपा के (J.M.F.C) जेएमएफसी कोर्ट ने 17 साल बाद चर्चित पोरा बाई कांड में 12 वीं बोर्ड परीक्षा में छत्तीसगढ़ की टॉपर पोरा बाई व अन्य आरोपियों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है!
मामला 2008 का है! अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर जेल दाखिल कर दिया… कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि आरोपियों ने केवल माध्यमिक शिक्षा मण्डल के विरुद्ध अपराध किया… बल्कि उन छात्रों के विरुद्ध भी किया है! जो अपनी भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं!

ये है मामला

सन 2008 में माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12 वी की बोर्ड परीक्षा में जांजगीर चाम्पा जिला के बिर्रा परीक्षा केन्द्र से पोरा बाई ने परीक्षा दिलाई… इस परीक्षा में उसने 500 में से 484 अंक प्राप्त’ कर पूरे प्रदेश में टॉप की थी! उसके टॉप करने पर संदेह व्यक्त करते हुए शिकायत की गई! शिकायत की जांच में पाया गया… कि पोरा बाई के रोल नंबर के उत्तरपुस्तिका में पोरा बाई की हैं! राईटिंग ही नहीं है! किसी अन्य व्यक्ति ने पूरे प्रश्न हल कर जमा किया था! जांच उपरांत पुलिस ने पोरा बाई, फूलसाय नृसिंह, एसएल जाटव, दीपक जाटव के खिलाफ 420, 120 बी, 467, 468 के तहत जेएमएफसी चाम्पा में चालान पेश किया गया… 2020 में जेएमएफसी कोर्ट से आरोपियों के पक्ष निर्णय पारित हुआ… इसके खिलाफ अभियोजन पक्ष ने सत्र न्यायालय में अपील पेश की सत्र न्यायालय ने अपराध सिद्ब होने पर आरोपितों को 5-5 वर्ष कैद की सजा सुनाई…!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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