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11 Apr 2026, Sat

जेल के अंदर ‘डॉनगिरी’ का लाइव शो! वायरल वीडियो ने खोली सुरक्षा की पोल, मोबाइल कैसे पहुँचा बैरक तक—सवालों में घिरा प्रशासन, आरोपी बना रहे रील, सिस्टम बना मूक दर्शक, सुधार गृह बना ‘स्टाइल हब…

00 क्या देख रहे जिम्मेदार जेल में वीडियो बनाने कैसे पहुँच गया मोबाइल वहाँ तक…

00 पुरावृत्ति रोकने हो ठोस पहल पूरा हो सिस्टम का उद्देश्य…

बिलासपुर,,, न्यायधानी के सेंट्रल जेल में बंद मस्तूरी गोलीकांड से जुड़े आरोपियों के जेल के अंदर से वायरल वीडियो ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार कर दिया है! जहा परिजनों को जेल में बन्द अपने बंदियों से मुलाकात के लिए घुर्री घिसना पड़ता है! वहाँ से आरोपियों को दबंग और डॉन जैसे अंदाज में दिखाने की कोशिश बता रही कि भाईगिरी का खुजाल किस हद तक मचा है!

और इससे भी गम्भीर बात ये है! कि युवा पीढ़ी को सन्देश क्या जा रहा… और इसे रोकने अभी तक पहल क्या की जा रही है! क्योकि समय रहते यदि ऐसे तत्वों की रीढ़ नही तोड़ी गई… तो स्थिति और बेहद भयावह होती जाएगी…!


बताया जा रहा… कि जेल में बंद रसूखदार आरोपियों से मिलने के दौरान किसी ने ये रील बना सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जिसको लेकर ये बवंडर मचा हुआ है! वीडियो में आरोपियों को दबंग और डॉन जैसे अंदाज में दिखाने की कोशिश बता रही… कि भाईगिरी का शौक किस कदर सर चढ़कर बोल रहा है!
गौरतलब है! कि करीब 4-6 माह पहले मस्तूरी में कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह के मेन रोड के कार्यालय में फायरिंग की वारदात हुई थी! मामले की जांच के बाद पुलिस ने युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत, उसके भाइयों और अन्य साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था! आरोपी बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं!
ये वीडियो उन्ही आरोपियों का बताया जा रहा है! हालांकि सेंट्रल जेल से ये इस तरह का कोई पहला मामला नही है! इससे पहले भी बिलासपुर सेंट्रल जेल से गैंगवॉर, नशाखोरी, कमीशनखोरी और दबंगई का मामला सामने आ चुका है!
जेल से आरोपियों की दबंगई के इस वीडियो और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने जेल प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे… यह जानने जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया… परन्तु उन्होंने कॉल ही रिसीव नही किया..


आरोपियों को जेल भेजने के उद्देश्य…

1… समाज की सुरक्षा के लिए खतरनाक अपराधियों को जेल में निरुद्ध किया जाता है! ताकि वे बाहर रहकर अन्य लोगों को नुकसान न पहुँचा सकें…
2… आरोपियों, बदमाशो को सजा देखकर अन्य लोगों में डर पैदा कर उन्हें अपराध से रोककर कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करने…
3… जेल में बन्द बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें कौशलयुक्त बना रिहाई… के बाद अपराध से दूर रख जिम्मेदार नागरिक बना उन्हें दोबारा अपराध करने की प्रवृत्ति से रोकने
4… बदमाशो, अपराधियो को उनके किये की सजा मिले ताकि पीड़ितों और समाज को यह महसूस हो कि न्याय हुआ है!
पर क्या ऐसा हो रहा है! नही तो क्यो और इसका जिम्मेदार कौन है! यह भी तय होना चाहिए…ताकि जेल फिर से पुराना सुधार गृह बन सके…!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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