Breaking
27 May 2026, Wed

हजार की किताबें, फ्री शिक्षा गायब! मस्तूरी के स्कूल में ‘बुक माफिया’ का खेल, RTE बच्चों से भी वसूली—आखिर शिक्षा या धंधा? C.M सख्त, प्रशासन हरकत में, लेकिन गरीब अभिभावक अब भी परेशान…

बिलासपुर,,, जिले के मस्तूरी स्थित सांदीपनि पब्लिक स्कूल पेण्ड्री एक बार फिर विवादों में है! आरोप है! कि यहां पहली कक्षा के बच्चों की किताबें करीब 4 हजार रुपए में बेची जा रही हैं! वहीं RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों को भी नि:शुल्क किताबें और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं! इससे अभिभावकों में भारी नाराजगी है!
जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को एक तय दुकान से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है!जबकि कई परिवार ऐसे हैं! जो दैनिक मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं! और इतनी महंगी सामग्री खरीदना उनके लिए संभव नहीं है?
इस मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी स्पष्ट कहा है! कि निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी… यदि कोई स्कूल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालता है? या मनमाने दाम वसूलता है!तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है!
वहीं बिलासपुर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टांडे को जांच के निर्देश दिए हैं! साथ ही सभी निजी स्कूलों को चेतावनी दी गई है! कि अभिभावकों को किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए… अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी…!
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) शिव कुमार टंडन ने भी स्पष्ट किया कि RTE के तहत बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त मिलनी चाहिए.. शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किया जाएगा…
फिलहाल सवाल यही है! कि आखिर गरीब बच्चों के हक पर डाका कब तक जारी रहेगा….और प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करेगा…

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed