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19 Jun 2026, Fri

सलाखों के पीछे किताबें, पुलिस पहरे में परीक्षा! हत्या के आरोप में जेल में बंद छात्र को हाईकोर्ट से राहत, चीफ जस्टिस के आदेश पर देगा NEET परीक्षा; जेल में पढ़ाई की व्यवस्था और एग्जाम सेंटर तक पुलिस सुरक्षा भी मिलेगी…

00 एसपी रायपुर और जेल अधीक्षक को जरूरी निर्देश

 

बिलासपुर,,, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अर्जेंट हियरिंग हेतु पेश मामले में सुनवाई करते हुए सेन्ट्रल जेल रायपुर में निरुद्ध छात्र को रविवार को आयोजित नीट परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट ने रायपुर एसपी और जेल अधीक्षक को निर्देशित किया है कि, छात्र को उचित हिरासत में एग्जाम सेंटर लेकर जाना सुनिश्चित करें । आवेदक छात्र को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 के तहत दंडनीय अपराध के लिए पुलिस स्टेशन खमतराई, जिला रायपुर (सी.जी.) में पंजीकृत अपराध संख्या 430/2026 के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। एडवोकेट अनुकूल विश्वास के माध्यम से हाईकोर्ट में अस्थायी जमानत की मांग करते हुए इंटरिम एप्लीकेशन पेश किया गया आवेदक के वकील ने कहा कि आवेदक को नीट 2026 परीक्षा में उपस्थित होना आवश्यक है, जो 21.जून .2026 को केंद्रीय विद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाली है यह भी कहा कि प्रवेश पत्र की एक प्रति इस आवेदन के साथ संलग्न की गई है । यह भी निवेदन किया जाता है कि आवेदक को जेल में आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि वह उक्त परीक्षा के लिए पर्याप्त तैयारी कर सके* तदनुसार, वे आवेदक को अस्थायी जमानत प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं* चीफ जस्टिस ने मामले में अर्जेंट सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि आवेदक छात्र को परीक्षा में उपस्थित होने के उद्देश्य से 21.जून .2026 को पुलिस हिरासत में परीक्षा केंद्र, अर्थात् केंद्रीय विद्यालय, रायपुर ले जाया जाए* रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित जेल के अधीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि आवेदक को उचित पुलिस हिरासत में परीक्षा केंद्र ले जाया जाए और उसे निर्धारित तिथि और समय पर उक्त परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी जाएउन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवेदक को लागू जेल नियमों और विनियमों के अधीन, जेल में प्रासंगिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वह इस परीक्षा की तैयारी कर सके परीक्षा पूरी होने पर आवेदक को तुरंत संबंधित जेल में वापस लाया जाएगा जहाँ वह वर्तमान में बंद हैकोर्ट नेकहा कि चूंकि अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है, इसलिए इस मामले को तीन सप्ताह बाद फिर से सूचीबद्ध किया जाएआदेश की एक प्रति यहाँ भेजेंरजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश की एक प्रति संबंधित ट्रायल कोर्ट, पुलिस अधीक्षक और साथ ही उस जेल के अधीक्षक को तत्काल भेजें जहां आवेदक वर्तमान में बंद है, ताकि उन्हें सूचना दी जा सके और आवश्यक अनुपालन किया जा सके।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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