- बिलासपुर.,,
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के बाहर ई- रिक्शा चालकों से कथित तौर पर प्रति वाहन 20 रुपये की वसूली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि स्टेशन क्षेत्र में सवारी लेने पहुंचने वाले ई-रिक्शा चालकों से रोजाना नकद राशि वसूली जा रही है, लेकिन इसके बदले कोई रसीद नहीं दी जाती और न ही इस रकम का कोई आधिकारिक हिसाब-किताब बताया जाता है। घटना उस समय तूल पकड़ गई जब एक ई-रिक्शा चालक ने कथित रूप से 20 रुपये देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद वसूली करने वाले लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और रेलवे स्टेशन के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलने पर विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंच गए और कथित अवैध वसूली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर यह पैसा किसके निर्देश पर लिया जा रहा है?
यदि यह अधिकृत शुल्क है तो इसकी रसीद क्यों नहीं दी जाती और यदि नहीं है तो फिर रोजाना हजारों रुपये की यह रकम किसकी जेब में जा रही है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टेशन क्षेत्र में लंबे समय से एक सिंडिकेट सक्रिय है, जो ऑटो या ई-रिक्शा संघ के नाम पर वसूली करता है। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकृत संस्था या विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हैरानी की बात यह रही कि रेलवे स्टेशन के बाहर काफी देर तक हंगामा और विवाद चलता रहा, लेकिन संबंधित पुलिस थानों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले में पूछे जाने पर तोरवा और तारबहार थाना प्रभारियों ने ऐसी किसी घटना या शिकायत की जानकारी होने से इनकार किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस के सूचना तंत्र और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके में घंटों तक विवाद चलता रहा और पुलिस को जानकारी नहीं मिली, यह अपने आप में गंभीर प्रश्न है। इस बीच घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें स्टेशन के बाहर लोगों की भीड़, विवाद और कथित वसूली को लेकर हो रही बहस दिखाई दे रही है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस कथित वसूली की जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या मामला कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा।सवाल जो जवाब मांग रहे हैंई-रिक्शा चालकों से 20 रुपये किस अधिकार से वसूले जा रहे हैं?वसूली की कोई रसीद क्यों नहीं दी जाती? रोजाना जमा होने वाली राशि किसके पास जाती है?क्या रेलवे, नगर निगम या किसी विभाग ने इसकी अनुमति दी है?स्टेशन के बाहर हुए हंगामे की सूचना पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची?फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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