Breaking
24 Jun 2026, Wed

लखनऊ अग्निकांड के बाद बिलासपुर में फायर जांच का फुल ड्रामा, कहीं फोन से सेटिंग, कहीं गपर-गपर में मामला डन, एक कोचिंग सील कर टीम ने झाड़ा पल्ला; हजारों छात्रों की सुरक्षा फिर भी भगवान भरोसे…

बिलासपुर,,, लखनऊ अग्निकांड के नाम पर न्यायधानी बिलासपुर के 5 कोचिंग सेंटरों की जांच खानापूर्ति बनकर रह गई… जिसका कोई नही उसका की तर्ज पर उड़ान कोचिंग सेंटर को सील कर पर कतरने की कार्रवाई की गई… बाकी में कही फोन आ गया… तो कही गपर- गपर के बाद नोटिस का कागजी घोड़ा दौड़ाने सहमति बनी… नेहरू चौक पर नगर निगम मुख्यालय विकास भवन के बगल के काम्प्लेक्स में प्रथम और द्वितीय तल पर संचालित ऑक्सिडेशन क्लासेस में एन्ट्री और एक्जिट के नाम केवल एक ही सीढ़ी और इतने बड़े संस्थान में केवल 1 फायर फाइटर सिलेंडर दीवार पर लटका मिला… बाकी कहा है! पूछने पर बताया गया… कि रिफलिंग के लिए भेजा गया है! इसके बाद बंद कमरे में गपर- गपर हुई जिसको लेकर खुद निगम अमला टीका- टिप्पणी करता दिखा… कि डन हो गया… इसके अलावा आचार्या इंस्टीट्यूट, गुम्बर एकेडमी, उड़ान, चंद्रा एकेडमी का भी टीम ने जायजा लिया…

चल गई मन्नू भाई की मोटर… 

एक कोचिंग संस्थान में जैसे ही निगम और फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम निरीक्षण के लिए पहुँची संचालक ने सीधे मोबाइल सामने खड़े अफसर के कान में कनिया दिया… कुछ देर खुसर- फुसर के बाद टीम वहां से बिना किसी कार्रवाई के निकल आई…

ये खामियां नजर आई...

 

1..   कही अग्नि सुरक्षा के नाम पर दिखावे में लिए केवल 1 सिलेंडर दीवार पर लटका दिखा…

2…  तो कही 2025 का एक्सपायरी वाला सिलेंडर लटकता मिला…

3…. लगभग सभी कोचिंग संस्थानों में एन्ट्री और एक्जिट के नाम पर एक ही रास्ता दिखा….

4….  ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में पार्किंग सुविधा का आभाव दिखा, पर जहा बेसमेंट पार्किंग दिखाया गया…. वहाँ संस्थान के मुख्यद्वार पर सड़क तक गाड़िया खड़ी दिखाई दी…

 

सवाल हजारों जिंदगियों का है….

 

बिलासपुर का जूना बिलासपुर, दयालबंद और पुराना हाईकोर्ट रोड एरिया में दर्जनों कोचिंग सेंटर तीन- तीन, चार- चार फ्लोर पर संचालित है! जहा सैकडों, हजारों छात्र- छात्राएं कोचिंग के लिए आते है! ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में फायर फाइटर सिस्टम प्रॉपर नही है! और एक ही एन्ट्री और एक्जिट है! जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है! इसलिए लखनऊ कांड से सबक लेते हुए औपचारिकता के बजाय सख्ती से जांच करा फायर सेफ्टी और एन्ट्री- एक्जिट को सही कराने के बाद ही इन कोचिंग सेंटरो को अनुमति दी जाय…

 

कोई जवाबदेह नही…

 

बुधवार को कार्रवाई के दौरान निगम और फायर सेफ्टी विभाग के अफसरो से जानकारी मांगी गई… कि कहा क्या खामियां पाई गई… तो बताया गया..  कि अभी जांच चल रही… दूसरे दिन बुधवार को निगम के सम्पदा और अतिक्रमण निवारण दस्ते के प्रभारी अंकुर पाण्डेय को कॉल कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया… परन्तु उन्होंने कॉल ही रिसीव नही किया… सवाल यह उठ रहा…. कि जब खामियों को दूर कर सैकड़ो- हजारों विद्यार्थियों की जान से खुला खिलवाड़ रोकने यह कदम उठाया जा रहा… तो मीडिया से पर्देदारी क्यो…?

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed