बिलासपुर,,, लखनऊ अग्निकांड के नाम पर न्यायधानी बिलासपुर के 5 कोचिंग सेंटरों की जांच खानापूर्ति बनकर रह गई… जिसका कोई नही उसका की तर्ज पर उड़ान कोचिंग सेंटर को सील कर पर कतरने की कार्रवाई की गई… बाकी में कही फोन आ गया… तो कही गपर- गपर के बाद नोटिस का कागजी घोड़ा दौड़ाने सहमति बनी… नेहरू चौक पर नगर निगम मुख्यालय विकास भवन के बगल के काम्प्लेक्स में प्रथम और द्वितीय तल पर संचालित ऑक्सिडेशन क्लासेस में एन्ट्री और एक्जिट के नाम केवल एक ही सीढ़ी और इतने बड़े संस्थान में केवल 1 फायर फाइटर सिलेंडर दीवार पर लटका मिला… बाकी कहा है! पूछने पर बताया गया… कि रिफलिंग के लिए भेजा गया है! इसके बाद बंद कमरे में गपर- गपर हुई जिसको लेकर खुद निगम अमला टीका- टिप्पणी करता दिखा… कि डन हो गया… इसके अलावा आचार्या इंस्टीट्यूट, गुम्बर एकेडमी, उड़ान, चंद्रा एकेडमी का भी टीम ने जायजा लिया…
चल गई मन्नू भाई की मोटर…
एक कोचिंग संस्थान में जैसे ही निगम और फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम निरीक्षण के लिए पहुँची संचालक ने सीधे मोबाइल सामने खड़े अफसर के कान में कनिया दिया… कुछ देर खुसर- फुसर के बाद टीम वहां से बिना किसी कार्रवाई के निकल आई…
ये खामियां नजर आई...
1.. कही अग्नि सुरक्षा के नाम पर दिखावे में लिए केवल 1 सिलेंडर दीवार पर लटका दिखा…
2… तो कही 2025 का एक्सपायरी वाला सिलेंडर लटकता मिला…
3…. लगभग सभी कोचिंग संस्थानों में एन्ट्री और एक्जिट के नाम पर एक ही रास्ता दिखा….
4…. ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में पार्किंग सुविधा का आभाव दिखा, पर जहा बेसमेंट पार्किंग दिखाया गया…. वहाँ संस्थान के मुख्यद्वार पर सड़क तक गाड़िया खड़ी दिखाई दी…
सवाल हजारों जिंदगियों का है….
बिलासपुर का जूना बिलासपुर, दयालबंद और पुराना हाईकोर्ट रोड एरिया में दर्जनों कोचिंग सेंटर तीन- तीन, चार- चार फ्लोर पर संचालित है! जहा सैकडों, हजारों छात्र- छात्राएं कोचिंग के लिए आते है! ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में फायर फाइटर सिस्टम प्रॉपर नही है! और एक ही एन्ट्री और एक्जिट है! जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है! इसलिए लखनऊ कांड से सबक लेते हुए औपचारिकता के बजाय सख्ती से जांच करा फायर सेफ्टी और एन्ट्री- एक्जिट को सही कराने के बाद ही इन कोचिंग सेंटरो को अनुमति दी जाय…
कोई जवाबदेह नही…
बुधवार को कार्रवाई के दौरान निगम और फायर सेफ्टी विभाग के अफसरो से जानकारी मांगी गई… कि कहा क्या खामियां पाई गई… तो बताया गया.. कि अभी जांच चल रही… दूसरे दिन बुधवार को निगम के सम्पदा और अतिक्रमण निवारण दस्ते के प्रभारी अंकुर पाण्डेय को कॉल कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया… परन्तु उन्होंने कॉल ही रिसीव नही किया… सवाल यह उठ रहा…. कि जब खामियों को दूर कर सैकड़ो- हजारों विद्यार्थियों की जान से खुला खिलवाड़ रोकने यह कदम उठाया जा रहा…
तो मीडिया से पर्देदारी क्यो…?
Author Profile
Latest entries
UncategorizedSeptember 23, 2026व्यापम के सवाल ने छेड़ा जाति वाला बवाल, सेन समाज आया सड़क पर, कलेक्टर को ज्ञापन थमाकर पूछ लिया, प्रश्नपत्र में अपमानजनक शब्द डालकर आखिर सरकार किस बात का सुशासन दिखा रही है?
UncategorizedSeptember 22, 2026गणपति बप्पा के विसर्जन की तैयारी में प्रशासन भी फुल एक्शन में! 24-25 सितंबर को छठघाट-पचरीघाट में होगा विसर्जन, डीजे पर सुप्रीम कोर्ट के नियम लागू… नशे में पहुंचे तो बप्पा से पहले पुलिस का दर्शन तय…
UncategorizedSeptember 22, 2026गणेश पंडाल में बाजे पर ऐसा बजा बवाल कि भक्ति गई, लाठी-डंडे आ गए, कुल्हाड़ी-छुरी से हमला, युवक की मौत… मस्तूरी पुलिस ने 13 आरोपियों को दबोचा, हथियार भी बरामद; पंडाल में आरती की जगह छिड़ गया रण…
UncategorizedSeptember 22, 2026दारू का गोदाम बना कार्टूनों का कबाड़खाना, 2 माह से स्टाफ की तनख्वाह गायब, 6 माह से पुट्ठों का टेंडर लापता, शराब रखने जगह नहीं; गोदाम से बाथरूम तक कार्टूनों का कब्जा, आखिर कब जागेगा आबकारी अमला?…

