
बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने साइबर फाइनेंशियल अपराध से पीड़ितों को राहत दिलाने विशेष अभियान शुरू किया है। विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस कप्तान ने 2112 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान करने के बाद जमा 16.68 करोड रुपए होल्ड करा दिया है। खातों को फीज करवा दिया है। सायबर फॉड से संबंधित 1400 फर्जी सिम कार्ड को भी ब्लॉक कराया है।
शुरू किया रूपया लौटाने का अभियान
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत सायबर फायनेन्सियल फॉड को गम्भीरता से लेते हुये एसीसीयू. को बैंकों में होल्ड प्रकरणों को सूचीबद्ध कर संबंधीत पीडितों को उनकी फॉड राशि वापस दिलाने के निर्देश दिया है। दिये गये। एसीसीयू की टीम ने वर्षवार पृथक-पृथक सूची तैयार कर संबंधित फरियादियों से संपर्क किया है। साथ ही फॉड से पीड़ितो को विभिन्न संदिग्ध बैंक अकाउंट में फीज और होल्ड राशि को वापस प्राप्त करने के तौर तरीको से अवगत कराया है।
करोड़ों रुपयों को किया फ्रीज
पुलिस कप्तान ने बताया कि ऑन लाईन सायबर फॉड प्रकरणो में सायबर पोर्टल के माध्यम से दर्ज प्रकरणों की जांच थाना और सायबर सेल के माध्यम से किया जा रहा है। साल 2023 में सायबर फाईनेसियल फॉड के कुल 1885 प्रकरण दर्ज किये गये है। 815 प्रकरणो में 1087 संदिग्ध बैंक अकाउंट को फ्रीज किया गया है। करीब 9.25 करोड रु बैंकों में होल्ड कराये गये है। इसी प्रकार साल 2024 में सायबर फाईनेसियल फॉड के कुल 843 प्रकरण दर्ज किये गये है। 216 प्रकरणो में कुल 1025 संदिग्ध बैंक अकाउंट फीज हुआ है।करीब 7.43 करोड रू बैंको में होल्ड कराये गये है।
दस्तावेज साझा करने से बचे
पिछले दो वर्षों में करीब 16.68 करोड रु की धोखाधड़ी राशि अलग-अलग बैंको के अकाउंट में होल्ड कराई गई है। बैंको में होल्ड राशि फरियादियो के बैंक अकाउंट में वापसी की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। बिलासपुर पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
पुलिस कप्तान क्या कहा
रजनेश सिंह ने बताया कि सायबर अपराधी आये दिन नये नये तरीको से आम जनता से धोखाधड़ी करने का प्रयास करते है कोई भी व्यक्ति अनजान नम्बर से अपने आप को पुलिस का अधिकारी, सी.बी.आई. अथवा ई.डी. का अधिकारी बताकर ठगी करने का प्रयास करता है। ऐसे कॉल से सावधान रहने की जरूरत है। बिलासपुर पुलिस इस प्रकार के ठगी को रोकने के लिये थानो में आम जनता की तरफ से दर्ज कराये गये रिपोर्ट में मोबाईल नम्बर की जानकारी को छिपाया जा रहा है।
इसलिए अनजान व्यक्ति जिसका नम्बर मोबाईल पर सेव नहीं है उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी बैंकिग जानकारी ओटीपी आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो शेयर न करे।
अश्लील चैट,फ्रॉड कॉलिंग से ऐसे बचे
अनजान वेबसाईट और अनाधिकृत एप डॉउनलोड या सर्च करने से बचे।कम परिश्रम से अधिक लाभ कमाने अथवा रकम दुगुना करने का झासा देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहे ।खुद को स्वयं होकर ठगों के पास न पहुंचाये। स्वयं की पहचान छुपाकर सोशल मिडीया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि के माध्यम से अश्लील लाईव चैट से भी बचे।
हेल्पलाइन नंबर जारी किया
परीक्षा में अधिक अंको से पास करा देने की झांसा देने वाले व्यक्तियो खासकर +92 नम्बरो से आने वाले वॉट्सअप कॉल से बचने का प्रयास करे। साइबर फॉड की घटना घटित होने पर तुरंत त्वरित रिपोर्ट दर्ज कराए। पुलिस कप्तान ने बताया कि पीड़ित हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते है।
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