Breaking
21 Jan 2026, Wed

सिर्फ एक पानी की बोतल और बिस्किट का पैकेट” सिम्स परिसर में तीन साल की मासूम बच्ची को कुर्सी में बैठा कर छोड़ भागी निर्मोही मां,,,

बिलासपुर,,, बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसमें एक निर्दयी मां ने अपनी तीन साल की मासूम बच्ची को भगवान भरोसे छोड़ दिया। यह घटना बीते शनिवार की है, जब अस्पताल के ओपीडी में सुबह लगभग नौ बजे एक बच्ची को अकेले छोड़ दिया गया। पास में सिर्फ पानी की बोतल और बिस्किट का पैकेट था, जिससे प्रतीत होता है कि बच्ची को जानबूझकर छोड़ने की तैयारी की गई थी।
सुबह से लेकर दोपहर तक, बच्ची कुर्सी पर शांत बैठी रही। उसे देख लोगों ने उसकी मां की खोजबीन शुरू की, पर कहीं भी मां का अता-पता नहीं मिला। बच्ची बार-बार लड़खड़ाती जुबान में “मां” पुकार रही थी,
लेकिन कुछ और बोलने में असमर्थ थी। दिन के बीतते-बीतते जब ओपीडी समाप्त हो

गया, तब भी बच्ची अपनी जगह से नहीं हटी। अंततः सिम्स प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई और सोशल वर्कर टीम ने बच्ची के पास पहुंचकर उससे जानकारी लेने का प्रयास किया। लेकिन उसकी मासूमियत और असमर्थता के कारण
कुछ भी पता नहीं चल सका।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बच्ची को जानबूझकर छोड़ दिया गया है। यह कृत्य जितना असंवेदनशील था, उतना ही समाज के लिए एक चेतावनी भी। बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसकी देखभाल की जा रही है और उसकी मां व अन्य परिजनों की तलाश जारी है। बच्ची से बातचीत का प्रयास लगातार जारी है, लेकिन वह केवल अपनी मां को ही पुकार रही है। यह स्थिति न सिर्फ बच्ची के लिए, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है।
इस घटना ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक तीन साल की मासूम बच्ची को इस तरह से छोड़ने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? क्या यह किसी मजबूरी का परिणाम है या फिर सामाजिक दबाव का? इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि हमें अपने आस-पास के लोगों और बच्चों के प्रति अधिक सजग और संवेदनशील होने की आवश्यकता है।
बिलासपुर के सिम्स में हुई यह घटना न केवल एक बच्ची की मासूमियत का प्रश्न है, बल्कि हमारे समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़ा करती है। एक बच्ची जो अभी तक अपनी मां को ढूंढ़ रही है, उसकी स्थिति अत्यधिक दयनीय है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज के ऐसे पहलुओं पर ध्यान देना कितना आवश्यक है, जहां बच्चों को सुरक्षा और प्यार से वंचित किया जा रहा है। उम्मीद है कि बच्ची की मां का जल्द ही पता चलेगा और उसे एक सुरक्षित और खुशहाल भविष्य मिल सकेगा।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed