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21 Jan 2026, Wed

मंगलसूत्र-थ्री… ये सिस्टम भी तो सरकारी है, तभी तो चर्चित किम्स प्रबंधन कह रहा कलेक्टर मंत्री जिससे शिकायत करना है कर दो…

बिलासपुर,,, तीन- तीन सरकारी योजनाओं के बाद भी पत्नी की डिलीवरी के लिए उसके 3 मंगलसूत्र को गिरवी रख बिल चुकाने निगम कर्मी को विवश करने को मजबूर हो गया! इस मामले के तूल पकड़ने के बाद चर्चित किम्स प्रबंधन एक बार फिर चर्चा में है। कलेक्टर के निर्देश के बाद मामला जांच टीम के गठन तक पहुँच गया।

अब 8-9 हजार मानदेय पाने वाले पीड़ित निगम कर्मी कैलाश को सन्तान प्राप्ति के लिए गिरवी रखे मंगलसूत्र छुड़ाने की टेंशन है। इतने कम वेतन में आखिर वह परिवार कैसे पलेगा कैसे गिरवी रखे तीनो मंगलसूत्र को छुड़ा पायेगा। पीड़ित कैलाश ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की सीएमएचओ से गुहार भी लगाई तब मामला जांच टीम तक सरका है। वो भी तब जब कलेक्टर ने महकमे को जांच कर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। सवाल यह उठ रहा है! कि सरकार की esic आयुष्मान और जननी सुरक्षा योजना को खुलेआम चुनौती दे प्रसूता के पति से दुर्व्यवहार कर दबाव पुर्वक उससे नकद और ऑनलाइन पैसा लेने का दबाव बनाने का प्रमाण भी है। पर सवाल यह उठ रहा कि क्या केंद्र और राज्य सरकार की योजना का इस कदर मखौल उड़ाने वाले किम्स प्रबंधन पर कोई कार्रवाई होगी भी कि हर मामले की तरह इस मामले को भी जांच की कड़ाही चढ़ा कर ठंडा होने छोड़ दिया जाएगा।

वर्जन-

ऑफिस में कैलाश सोनी ने शिकायत की और कलेक्टर कार्यालय से भी निर्देश आया है। कि मामला गम्भीर है! प्रसूता के पति ने पता करने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया कि esic कार्ड चल जायेगा ये प्रारम्भिक पूछताछ में खुद किम्स प्रबंधन ने स्वीकार किया है। नियम के मुताबिक ऑपरेटिव केस है प्रसूता को 4 से 5 दिन रखा जाना था पर 2 दिन में ही छुट्टी दे दी गई। मामले की जांच के लिए डॉ गायत्री बांधी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है इसके अलावा किम्स प्रबंधन के 5 और गम्भीर शिकायतों की जांच भी की जा रहीं है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई लिए कमेटी की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी

डॉ प्रमोद तिवारी

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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