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18 Mar 2026, Wed

प्रशासनिक लापरवाही,, डेड साल जेल काट के निकला गांजा तस्कर सिपाही को बर्खास्त करने के बजाय अगले दिन कर डाला बहाल….

रायपुर,,, खुफिया इनपुट्स के बाद पुलिस ने GRP के चार सिपाहियों को गांजा तस्करी में गिरफ्तार करने के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं! इनमें गांजा तस्करी का सरगना कांस्टेबल लक्ष्मण गाईन गांजा तस्करी के मार्फत छत्तीसगढ़ का करोड़पति सिपाही बन बैठा! उसके पास दुनिया की सबसे महंगी बाइक में से एक हार्ले डेडिसन मिला है! यहीं नही चार लग्जरी कारें और एक करोड़ से अधिक का मकान और उसके नाम पर कई प्लॉट हैं!

डेढ़ साल जेल काट लौटा

गांजा तस्करी का सरगना लक्ष्मण गाईन 2018 में ड्रग
पैडलर के आरोप में गिरफ्तार हुआ था! पुलिस ने उसे
अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया था! उसके बाद डेढ़ साल तक उसका जमानत नहीं हुआ! जमानत मिलने के बाद उसे अगले दिन ही SP ने निलंबन समाप्त कर नौकरी में बहाल कर दिया था! यही नहीं, ट्रेनों में स्क्वाड पार्टी में उसकी ड्यूटी लगा दी! ताकि, वह अपना धंधा फिर से प्रारंभ कर सके! और ऐसा ही हुआ! सिपाही ने अफसरों का संरक्षण पा गांजा की तस्करी का महाराष्ट्र, यूपी, पश्चिम बंगाल, तेलांगना तक विस्तार कर दिया! जानकारों का कहना है! कि पुलिस में गंभीर किस्म के मामलों में SP सिपाही को बर्खास्त कर देते हैं! मगर ताज्जुब है! कि ड्रग पैडलर जैसे अपराध में जो जवान डेढ़ साल जेल काटकर लौटा, उसे बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की बजाए बहाल कर दिया गया!

करोड़ों की दौलत

गांजा तस्करी मामले में गिरफ्तार GRP का सिपाही लक्ष्मण गाईन की संपत्ति देखकर पुलिस के बड़े अधिकारी स्तब्ध हैं! 40 हजार वेतन प्राप्त करने वाला सिपाही ने गांजे की तस्करी से पिछले पांच साल में करोड़ों रुपए बनाया! उसके पास बिलासपुर के कंचन विहार में करोड़ रुपए से अधिक का मकान है! दुनिया का सबसे महंगा बाइक हार्ले डेविडसन रखता है! इसके अलावे हुंडई वरना, मारुति स्वीफ्ट और टाटा की हैरियर कार है! पुलिस की जांच में उसके पास कई प्लॉट का पता चला है!

गांजा रैकेट का बड़ा सरगना GRP पुलिस का सिपाही

लक्ष्मण गाईन ड्रग तस्करी में 2018 में गिरफ्तार हुआ था! वह डेढ़ साल तक जेल में रहा! उसके बाद फिर इसी धंधे में लग गया! खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि GRP के गांजा रैकेट का लक्ष्मण सरगना था! सीनियर अफसरों के संरक्षण में गांजा की तस्करी कर उसने इतने पैसे कमा लिए हैं! कि कानून के लंबे हाथ से बेखौफ हो गया है! गिरफ्तारी के समय भी वह निश्चिंत था! कि जल्द ही वह छूट कर आ जाएगा! GRP से लेकर पीएचक्यू तक के अफसरों का उसे संरक्षण मिला हुआ था!
बता दें, GRP के जवान संगठित रूप से गांजे की तस्करी कर रहे हैं।! खुफिया जांच में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने चार कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है! इस मामले में एक IPS की संलिप्तता सामने आ रही है! तस्करी के लिए रिश्तेदारों के नाम पर 45 बैंक अकाउंट खोला गया था! इसमें करीब 15 करोड़ की लेनदेन का खुलासा हुआ है! CM विष्णुदेव साय ने अफसरों को आदेश दिया है! कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाए! DGP ने निःपक्ष जांच के लिए बिलासपुर SP रजनेश सिंह को केस सौंप दिया है! रजनेश ने मीडिया को बताया कि कोलकाता से एक बड़े ड्रग पैडलर को पुलिस ने पकड़ा है! इनके साथ मिलकर जीआरपी गांजा और ड्रग की तस्करी कर रही थी!
रायपुर छत्तीसगढ़ की शासकीय रेलवे पुलिस याने GRP ने अपनी काली करतूतों से छत्तीसगढ़ पुलिस को बदनाम कर दिया है! GRP पिछले पांच साल से गांजे की आरगेनाईज ढंग से तस्करी कर रही थी! इसमें बड़े अधिकारियों की भूमिका बताई जा रही है! शीर्ष अफसरों की संलिप्तता को देखते DGP अशोक जुनेजा ने मामले को बिलासपुर SP रजनेश को जांच के लिए सौंप दिया है। जांच में पता चला है कि पिछले पांच-सात साल में GRP में रहे लगभग सभी सीनियर अफसरों ने बहती गंगा में जमकर डूबकी लगाई!करोड़ों रुपए इन अधिकारियों को हिस्से में मिला!

ऐसे हुआ खुलासा

छत्तीसगढ़ की खुफिया पुलिस को GRP जवानों के रैकेट द्वारा गांजे की तस्करी करने की जानकारी मिली थी! इंटेलिजेंस चीफ अमित कुमार ने इसके लिए विभाग के सात अधिकारियों की एक टीम बनाकर जांच में लगाया! खुफिया टीम ने रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए तीन महीने में करीब हावड़ा-मुंबई लाईन पर नागपुर से लेकर झारसुगड़ा तक और वाल्टेयलर लाईन पर टिटलागढ़ तक सघन निगरानी रखी! गुप्तचरों ने इस दौरान करीब ढाई सौ ट्रेनों में खुद भी सफर किया! पुख्ता जानकारी बटोरने के बाद फिर खुफिया चीफ अमित कुमार को इसकी रिपोर्ट दी गई! इसके बाद GRP के चार सिपाहियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया!

45 खातों में 15 करोड़ के ट्रांजेक्शन

खुफिया पुलिस ने जांच में GRP जवानों के पास से 45 बेनामी खाते मिले! बेनामी मतलब पुलिस जवानों ने अपने नाते-रिश्तेदारों के नाम पर खाते खुलवा लिए थे! मगर खुद करते थे ऑपरेट। इसमें 15 करोड़ की लेनदेन का पता चला, जो गांजा पैडलरों ने ट्रांसफर किए थे!

कई राज्यों में फैला नेटवर्क

जांच में पता चला है! कि GRP के जवान पहले ट्रेनों में गांजा जब्त करते थे! उसी को बेचकर पैसा कमाते थे! मगर 2018 के बाद उन्हें लगा कि धंधा अच्छा है! सो अपना खुद का नेटवर्क बना लिया! और उड़ीसा से गांजा खरीदकर लगे सप्लाई करने उड़ीसा, कोलकाता, झारखंड और महाराष्ट्र तक GRP का रैकेट गांजा सप्लाई कर रहा था! चूकि GRP का काम ही अपने स्टेट के अंतगर्त स्टेशनों तक ट्रेनों के अपराधों की रोकथाम करना है! इसलिए, बर्दी की आड़ में वे अपने धंधे का चौरफा फैला लिया! उन्हें पकड़े जाने का डर भी नहीं था! सो गांजा पैडलरों को भी GRP जवानों से गांजा खरीदने में सुविधा होती थी! आगे कहीं पकड़े भी गए तो GRP वाले जोर-तोड़ करके छुड़वा देते थे!
सीनियर अफसरों को पैसा
GRP के रैकेट को उपर के अधिकारियों का खुला
संरक्षण मिला था! जांच में पता चला है कि गांजा तस्करी का पैसा उपर तक जाता था! इसमें एक IPS की संलिप्तता भी बताई जा रही है! 2018 के बाद सारे सीनियर अधिकारियों को पैसा दिए जाने की जानकारी जांच खुफिया जांच में आई है! मामले की
गंभीरता को देखते DGP अशोक जुनेजा ने इस केस को बिलासपुर के SP रजनेश सिंह को सौंप दिया है!
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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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