
बिलासपुर,,, तेलीपारा गला कांड में आरोपी को गिरफ्तार कर फिर से छोड़ने की घटना ने कोतवाली पुलिस की कार्यवाई पर सवाल उठाए हैं!

पुलिस अधिकारियों का कहना है! कि जब घायल आवेदक FIR दर्ज कराने के लिए थाने नहीं आ रहा है! तो उनकी क्या गलती है! वहीं, विधि के जानकार अधिवक्ताओं का कहना है! कि थाने में दी गई लिखित शिकायत ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) मानी जानी चाहिए! और उसी आधार पर पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्यवाई करनी चाहिए!
अधिवक्ताओं का मानना है! कि प्रार्थी ने थाने में अपनी शिकायत दी है! और यह शिकायत FIR के रूप में दर्ज होनी चाहिए! चाहे आवेदक खुद थाने में उपस्थित न हो! उनका कहना है! कि पुलिस को इस शिकायत को प्राथमिकता देनी चाहिए! और आरोपी किशोर फुटवियर के गोदाम संचालक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए! यह मामला इस समय चर्चा में है! क्योंकि जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो उसे फिर से छोड़ दिया गया! जिससे कई सवाल खड़े हो गए!
जब मीडिया की टीम ने शुक्रवार को जिला न्यायालय में विधि के जानकारों से इस मामले पर चर्चा की! तब अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रार्थी द्वारा दी गई! शिकायत में अपराध का ब्योरा है! तो उसे FIR के रूप में दर्ज करना आवश्यक है! और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए! इस पर अधिकारियों का कहना था! कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं! और उचित कार्रवाई की जाएगी!
इस मुद्दे ने एक बार फिर पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के बीच समझौते की आवश्यकता को उजागर किया है! अब देखना यह है! कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है! और क्या थाने में दी गई! शिकायत को FIR के रूप में दर्ज किया जाता है! या नहीं!
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