
मुंगेली,,, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के गृहजिले मुंगेली में प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई हैं! अधिकांश विभागों और अधिकारियों की लापरवाही, मनमानी और तानाशाही देखते ही बनती हैं! ऐसे लापरवाह और तानाशाह अधिकारियों की वजह से ही राज्य की विष्णुदेव सरकार पर भी उंगलियां उठना स्वाभाविक हैं! क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहज और सौम्य स्वभाव व्यक्तित्व के माने जाते हैं ऐसे में अधिकारियों द्वारा उनकी सरलता का फायदा उठाते हुए मनमानी किया जा रहा हैं! जिसके चलते आम जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं! भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खेल के चलते मुंगेली का विकास अटका हुआ हैं!


अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई जा रही ताकि भ्रष्टाचार का खुलासा न हो सके। इसी प्रकार की मनमानी मुंगेली जनपद पंचायत में देखने को मिला, जहां सूचना का अधिकार अधिनियम मजाक बन कर रह गया हैं! महीनों बाद भी आवेदक द्वारा मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम के नियमों की अवहेलना भी की जा रही हैं। दो प्रकरणों में जिला पंचायत मुंगेली द्वारा 25/02/2025 को जनसूचना अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगेली को आदेश जारी कर 7 दिवस के भीतर जानकारी देने कहा गया, उसके बाद भी आज दिनांक तक अपीलार्थी को जानकारी नहीं दिया गया। एक महत्वपूर्ण मामले में जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी से आरटीआई में जानकारी मांगी गई थी निर्धारित तिथि में जानकारी न मिलने पर जिला पंचायत मुंगेली में प्रथम अपील की गई, जहां सुनवाई उपरांत जनपद पंचायत सीईओ को सात दिवस के भीतर आवेदक को जानकारी देने आदेश दिया गया, परंतु आवेदक को आज तक जानकारी नहीं दी गई, बल्कि जनपद पंचायत सीईओ, जनसूचना अधिकारी के प्रतिनिधि द्वारा अधूरी और भ्रामक जानकारी देने का प्रयास किया गया, जिसके बाद जिला पंचायत मुंगेली ने आदेश जारी किया। इस मामले में मुंगेली जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी की घोर लापरवाही देखने को मिली। आपको बता दे कि पहले भी जनपद पंचायत मुंगेली में सैकड़ों फाइल गायब हो गई थी, जिसका आज तक अतापता नहीं चल पाया हैं, उसी प्रकार अब एक और निधि के अंतर्गत हुए करोड़ों के कार्यों की फाइल गायब होने की संभावना बताई जा रही हैं क्योंकि आईटीआई में जानकारी मांगने पर जानकारी नहीं दी गई, प्रथम अपील सुनवाई में जानकारी देने आदेश होने के बाद भी जानकारी नहीं दी जा रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुछ महीने ही पहले प्रेसवार्ता में कहा था कि ”पुराणों में जिसे राम राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं”। परंतु मुंगेली जिले के अधिकारियों और जिला प्रशासन द्वारा विष्णुदेव सरकार के सुशासन को ध्वस्त करने हर संभव प्रयास किया जा रहा। इस मामले में अपीलार्थी द्वारा बताया गया कि सम्बंधित जगह शिकायत व अपील की जायेगी।
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