
रायपुर,,, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है! विभाग के अधिकारियों ने आदिवासी विकास विभाग के मंडल निरीक्षक, पटवारी और बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है! मिली जानकारी के अनुसार राजेंद्र जांगड़े, ग्राम कुटराबोड़, जिला सक्ती ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत किया था! कि उसका बेटा जो बालक अनुसूचित जाति बालक आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में चौकीदारी और रसोई का कार्य करता है! को इलेक्ट्रिक बोर्ड टूटने की घटना के बाद पद से हटा दिया गया है! जब प्रार्थी ने आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती के जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर से संपर्क किया तो आरोपी ने पुनः सेवा में लेने के बदले 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी! दोनो के बीच ले देकर 1 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आरोपी ने प्रथम किश्त के रूप में 50,000 रुपये की रिश्वत ले ली! दूसरी किस्त देने से पहले प्रार्थी ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाने का निर्णय लिया फिर इसकी शिकायत ACB में की! एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करते हुए जाल बिछाया! फिर जब आरोपी दूसरी किस्त ₹50000 देने के लिए पहुंचा तो आरोपी ने यह राशि अपनी कार में रखने को कहा! जैसे ही यह रकम आरोपी की कार में रखी गई! एसीबी टीम ने घेराबंदी कर मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली! आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है!
दूसरा मामला सूरजपुर जिले के गोविंदपुर में पदस्थ पटवारी मोगेन्द्र प्रताप सिंह को एसीबी अंबिकापुर ने 15,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया! शिकायतकर्ता राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने 13,000 वर्गफुट जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए पटवारी से चौहदी जांच की मांग की थी! इसके बदले पटवारी ने 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी! शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने आज कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया!
तीसरा मामला सूरजपुर जिले का है! यहां सरगुजा ACB की टीम ने प्रतापपुर में तहसील कार्यालय के क्लर्क को 10 हजार रुपए रिश्वत के साथ पकड़ा है! क्लर्क ने आपदा राहत मद से मिलने वाली राशि जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी! ACB की टीम ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय में पहुंचकर क्लर्क बृजभान सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा! लिपिक ने राहत राशि जारी करने के लिए शिकायतकर्ता राजेंद्र बघेल पोंड़ी मोड़ से पहले 2500 रुपए की रिश्वत ली थी! इसके बाद 10 हजार रुपए और मांगे थे! लिपिक बृजभान सिंह शिक्षा विभाग का है! उसकी मूल पदस्थापना हायर सेकेंडरी स्कूल जरही में है! करीब चार-पांच साल पहले तहसील कार्यालय में अटैच किया गया था! एसीबी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है१ तीनों मामलों में एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किए हैं! अधिकारियों से पूछताछ जारी है! और मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाइयां भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एसीबी की तत्परता और भ्रष्टाचार के प्रति उसकी “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाती हैं! इन कार्यवाहियों से सरकारी तंत्र में स्वच्छता और पारदर्शिता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है!
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.07.23सीए ऑफिस में लाखों की चोरी का 30 घंटे में खुलासा, पूर्व कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, बिलासपुर के साथी संग दबोचा गया, पुलिस ने 7.80 लाख रुपये नकद बरामद कर भेजा सलाखों के पीछे….
Uncategorized2026.07.23एसडीएम-तहसीलदार के नाक तले तहसील परिसर में तंबू-बम्बू तान बैठा ‘लूटल’ कैफे! वॉशरूम पर ताला, सरकारी जमीन पर कब्जे की चर्चा, पूछने पर एसडीएम बोले—नगर निगम ने अनुमति दी, अब कार्रवाई हम करेंगे…
Uncategorized2026.07.23नागलोक फर्जी मुआवजा कांड का ऐसा खौफ! तहसील में खुलीं पुरानी अलमारियां, 2019 से 2024 तक की फाइलों की धूल झाड़ने में जुटे अफसर, रिकॉर्ड खंगालने की मची होड़, कहीं पुरानी परतें खुलीं तो कई बड़े नामों की बढ़ सकती है मुश्किल…
Uncategorized2026.07.23तहसील में तंबू, अफसर गुम! एसडीएम-तहसीलदार के दफ्तर के सामने ही ‘लूटल’ ने लूट लिया सरकारी परिसर, वॉशरूम पर ताले, ग्रीन नेट में कैफे का कब्जा, अब कार्रवाई की बात कर रहे जिम्मेदार अफसर….
