Breaking
26 Jan 2026, Mon

रेप का आरोपी डिप्टी कलेक्टर अब भी फरार! FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, महिला आरक्षक बोली– आखिरी सांस तक लड़ूंगी, सिस्टम की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल…

बीजापुर,,,, बीजापुर की महिला आरक्षक अब सिर्फ एक पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि न्याय के लिए संघर्ष का प्रतीक बन चुकी है! रेप केस दर्ज होने के बावजूद आरोपी डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होना न सिर्फ सिस्टम की विफलता है! बल्कि पीड़िता के साहस की असली परीक्षा भी है!


दरअसल, बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके पर दर्ज रेप केस में अब पीड़िता ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है! सीएएफ की महिला आरक्षक पीड़िता ने पत्र में आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए थी! लेकिन उसे बीमारी की छुट्टी देकर फरार होने का मौका दे दिया गया!

पीड़िता ने मुख्य सचिव को पत्र लिखते हुए मांग की है! कि आरोपी डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए! मामला डौंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा है! थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है! और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा! वहीं, पीड़िता का कहना है! कि समाज के कुछ लोग और आरोपी के परिजन उस पर केस वापस लेने का लगातार दबाव बना रहे हैं!
पीड़िता ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद आरोपी डिप्टी कलेक्टर की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए थी! लेकिन ऐसा नहीं हुआ! उसे भागने का मौका मिल गया! पीड़िता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है! कि बीमारी का बहाना बनाने वाले आरोपी को छुट्टी दे दी गई! उन्होंने कहा- मैं अब अंतिम क्षण तक अपनी कानूनी लड़ाई लड़ूंगी! समझौता का कहीं कोई रास्ता नहीं है!
पीड़िता ने बताया किया कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच उसका तीन बार जबरन गर्भपात कराया गया! जून 2025 में आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया! पीड़िता ने बताया कि विवाह से इनकार करने के बाद भी वह लगातार दिलीप से बात करने की कोशिश करती रही! पीड़िता ने बताया कि दिलीप उइके ने उनसे कहा कि- मेरे से नहीं, मेरे वकील से बात करो! लंबे समय तक मनाने की कोशिश के बावजूद उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया! आखिर में पीड़िता ने कहा कि अब उसे न्यायालय का सहारा लेना पड़ रहा है!
पीड़िता महिला आरक्षक ने मीडिया को बताया कि 17 अगस्त 2025 को डौंडी थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज होने के बाद से उस पर अलग-अलग माध्यमों से दबाव डाला जा रहा है! पीड़िता के अनुसार कई लोग खुद को समाज के पदाधिकारी और आरोपी के रिश्तेदार बताकर उसके घर पहुंचे और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाते रहे! लेकिन पीड़िता ने कहा- वह अब केस वापस लेने वाली नहीं है!
बता दें कि रेप के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके की अग्रिम जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है! पीड़िता ने आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी के अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए बैंक स्टेटमेंट को डौंडी थाने में सबूत के रूप में पेश किया है!

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed