Breaking
26 Jan 2026, Mon

बिलासपुर में बन रहे अब शटर वाले मकान अफसर जन प्रतिनिधि सब अंजान, मामला ज्वाली नाला रोड का…

00 मामला ज्वाली नाला रोड किनारे की गई आधी- अधूरी कार्रवाई का
00  सीमांकन हुआ एमआईसी सदस्य ने भी कार्रवाई का दावा किया पर…



बिलासपुर,,, डरते तो हम … से  भी नहीं है… तभी तो प्रशासन के अफसर ठाढ़ झूठ बोलते है! अब ज्वाली नाले के किनारे अवैध निर्माण पर आधे अधूरे कार्रवाई को लेलो, इस बिल्डिंग के बारे में उस समय के बिल्डिंग अफसर ने कहा था कि परिसर को चारों तरफ से घेर दिया गया है, निर्माणकर्ता को नोटिस जारी किया गया है, भवन निर्माता अब भवन को आवासीय बना रहा तो… आप ही बताइए ये शटर वाला आवासीय मकान कब से बनने लगा..
इन तस्वीरों में आप खुद देख लीजिए,



मेयर के हड़काने के बाद निगम का अमला यहां दुबारा नही गया, इस भवन मालिक को काम रोकने नोटिस दिया गया, इसके बावजूद काम चलता रहा पूरा हो गया… भवन स्वामी ने ग्रीन नेट के घेरे में एक बैनर लगा दिया कि इस काम्प्लेक्स का रास्ता पीछे से है… जबकि उस समय के भवन शाखा अधिकारी ने कहा था कि भवन मालिक इस भवन को आवासीय बना रहा… इसके बावजूद भवन मालिक ने शटर लगवा दुकान तैयार कर लिया।


  मुख्यालय है जोन कार्यालय है, सीमांकन के दौरान जब कार्रवाई चल रही थी, एमआईसी सद्द्स्य ने 56 इंच का सीना फुला कहा था कि ये अवैध है, सरकारी जमीन है सीढ़ी तक कार्रवाई की जाएगी तो क्या अब ये अवैध निर्माण वैध हो गया, निगम प्रशासन ने विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाकर  सभी 8 जॉन में नियमित निरीक्षण कराकर अवैध निर्माण को रुकवाने और कार्रवाई करने का दावा किया था, पर वो टीमें आज तक वार्डो के सड़क पर नही दिखी,,, और यदि निकल रहे तो  दिख क्यो नही रहा ये बड़ा सवाल है।



             मीडिया का उद्देश्य किसी की सम्पत्ति को क्षति पहुचाना नही है, पर कोई भारी-भरकम जुर्माना हो कार्रवाई हो लोगो पर कम से कम दबाव तो बने ताकि पब्लिक प्रशासन को कम से कम प्रशासन तो समझें अफसर जिम्मेदारी से जवाब तो दे कुछ भी उलजुलूल बयान दे रहे वो भी मीडिया में… अब निगम के तत्कालीन बिल्डिंग अफसर का वो बयान भी सुन लीजिए…

बाइट,,, बंधु मौर्य पार्षद




क्या ये गली इस काम्प्लेक्स के हिसाब से है

इस काम्प्लेक्स के पीछे जो रास्ता बताया जा रहा अब उस रास्ते उस गली को भी देख लीजिये क्या ये गली इस काम्प्लेक्स के लिए सफिसिएंट है…


फिर इन लोगो ने क्या बिगाड़ा था,


यदि ये वैध है तो जो तोड़े गये वो कैसे अवैध हो गए, फिर लाखो रुपये कर्ज लेकर या अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर यहां निर्माण कराने वालों का निर्माण क्यो तोड़ा गया क्या न्यायधानी में ये उनके साथ अन्याय नही है…

बाइट,,, सुरेश शर्मा भवन शाखा

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed