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26 Jan 2026, Mon

राशन चावल में कनकी-कटका की करतूत! मिलर-अफसरों का सिंडिकेट सक्रिय, अफसर सवालों से भागे, जनता थाली में धोखा खा रही… राजधानी से गलियों तक फैला चावल घोटाला, जवाब देने वाला कोई नहीं…


बिलासपुर,,,  क्या सरकार ने गरीबो और मध्यमवर्गीय परिवारों को घटिया और कनकी मिक्स चावल देने कहा है, यदि नही तो ये हो कैसे रहा वो भी सम्भागीय मुख्यालय के राशन दुकानों से। न्यूज बास्केट ने जब इसको लेकर कलेक्ट्रेट के मंथन सभागृह में राजधानी से बैठक लेने पहुँची


खाद्य विभाग की अतिरिक्त संचालक नीलम एल्मा से चर्चा करना चाहा तो वे खाद्य नियंत्रक के साथ गाड़ी में बैठकर निकलने लगी, उन्हें जब राशन दुकान के चावल का सेम्पल दिखाया गया तो वे रुकी और चावल को देखकर अफसरों को इसे चेक कराने कहा पर मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय वे गाड़ी में बैठकर चलते बनी, ऐसा पहली बार नही हुआ इसके पहले विद्युत सुधार के लिए बैटक लेने यहाँ पहुँचे विद्युत विभाग के सचिव भी इसी तरह मीडिया के सवाल पर भाग निकले थे, तो फिर जवाब देगा कौन…

नीलम एल्मा,अतिरिक्त संचालक खाद्य विभाग

तत्कालीन भूपेश सरकार ने बीपीएल परिवारों की तरह एपीएल परिवारों को 35 किलोग्राम चावल प्रतिमाह देने की योजना की शुरुआत की थी,,,सत्ता में आने के बाद से सबका साथ सबका विकास के नारे पर आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार इसे बन्द करने की फिराक में है, इसके लिए जोड़तोड़ भी की गई पर बात नही बनी नतीजतन इसी लफड़े में एपीएल परिवारों को अगस्त माह का राशन ही नही दिया गया।

ये है राशन दुकान का कनकी मिक्स चावल



गल्ला दुकान का चावल


गल्ला दुकान का चावल



अफसर तो अफसर है कह रहे कि बीपीएल के साथ एपीएल परिवारों को भी एकमुश्त 3 माह का चावल देने कहा गया था, पर पता नही उन्होंने क्यो नही दिया, वही राशन दुकान संचालक बता रहे कि केंद्र सरकार ने एपीएल के चावल का कोटा जारी किया था, पर राज्य सरकार ने अपना कोटा ही नही ही दिया  फिर सच है क्या…

चावल में कनकी का क्या है फ़ंडा



न्यूज बास्केट की टीम ने मध्यंनगरी, गोड़पारा, जूनाबिलासपुर और करबला चौक के राशन दुकानों से चावल के नमूने और किस गोदाम किस राइस मिल से सप्लाई की जा रही इसकी जानकारी एकत्र की।
इस रियलिटी चेक के दौरान चावल की ज़फाई अच्छी तरीके से न होने और चावल में टूट यानि कनकी मिक्स पाया गया। राशन दुकान संचालकों ने बताया कि इस बार का चावल तो फिर भी कुछ ठीक है, पिछले माह सितंबर में तो गर्द और कतकरा मिला पकलनहा चावल ढिया गया था।

इन संस्थाओं के है ये चावल



राशन दुकानों से लिये गए चावल के ये सेम्पल मेसर्स पार्वती राइस मिल, अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट्स, आदित्य राइस प्रोडक्ट्स, श्री ओम राइस मिल और महामाया राइस प्रोडक्ट्स के है, चावल के बोरियों में बकायदा इनके संस्थान के टैग लगे है।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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