
बिलासपुर,,, भाजपा और कांग्रेस नेताओं के साथ नेता वाले गुरुजी अड़धप में पुलिस के हत्थे जुआ खेलते क्या चढ़े पुलिस के अफसरों के हाथ पांव फूल गए, बताया जा रहा है! कि दोनों प्रमुख दलों के जिस स्तर के नेता जुआ खेलते पकड़े गए, सूत्रों के मुताबिक बीती देर रात सिविल लाइन पुलिस द्वारा महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित जीनत पैलेस में छापेमार कार्रवाई की गई! जहां दिवाली का त्यौहार मनाने की आड़ में सत्ता पक्ष विपक्ष के नामदार और दलबदलु विधायक के कामदार लोगों द्वारा 52 परियों के साथ अवैध काम किया जा रहा था! जैसे हो मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो मौके पर पहुंचकर टीम ने 12 जुआरियों को हिरासत में लिए इतना ही नहीं पकड़े गए जुआरियों से लाखों रुपए की बरामदी भी हुई है! लेकिन 20 घंटे बीत जाने के बाद भी सिविल लाइन पुलिस द्वारा मामले को दबाकर रखा गया है! वहीं रसूखदारों के दबाव में पुलिस द्वारा नामो को उजागर भी नहीं किया जा रहा है!

जुए की कार्रवाई की जानकारी और मामले की सुगबुगाहट विभाग से लेकर मीडिया जगत में फैली हुई है! इतना ही नहीं जिले के एक विधायक के दबाव की वजह से मामले को दबाने की बात भी चोरी छुपे सभी के जबान पर चल रही है! एक ओर एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा अपराध और अपराधियों को ठीक कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है! दूसरी ओर कई थानेदारों द्वारा एसएसपी साहब के आंख में धूल झोंकने का काम बड़ी सफाई के साथ किया जा रहा है…! देखने वाली बात होगी कि क्या इस मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी और अधिकारी एक बार फिर एसएसपी साहब की फटकार का इंतजार कर रही है! और क्या इस मामले को एसएसपी साहब के निर्देश मिलने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा, या फिर धरपकड़ के इस खेल में नामदार रिश्तेदार अपना चोला साफ कर पीछे के दरवाजे से निकलने में कामयाब हो जाते है…!
पुलिस ने कार्यवाही तो की, पर वह सिर्फ दिखावे भर की रही! सवाल यह है! कि अगर छापा वाकई बड़ा था! और जुआरी रसूखदार नहीं थे! तो सिविल लाइन थाना अब तक मीडिया के सामने क्यों नहीं आया? सबसे बड़ा जुआ पकड़े जाने के बाद भी प्रेस नोट तक जारी क्यों नहीं हुआ! क्या पुलिस को सच बताने से डर लग रहा है! या फिर सच किसी की जेब में रखे उन नोटों की तरह थाने से बाहर निकल गया? लगता है! सिविल लाइन थाना अब “कानूनी कार्रवाई केंद्र” से ज़्यादा “प्रोटोकॉल सेंटर” बन गया है…?
छोटे-छोटे प्रकरणों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीठ थपथपाने वाली वही पुलिस अब रसूखदारों के सामने साइलेंट मोड में है! शायद पुलिस को लगा हो कि “बड़े लोग हैं! थोड़ा खेल लेते हैं…? आखिर ताश ही तो थी, कानून नहीं…!
ये है वो 14 जुआड़ी…👇👇👇
01. संतोष कौशिक पिता स्व बाबू राम कौशिक उम्र 57 वर्ष सा. ओमनगर जरहाभांठा बिलासपुर
02. प्रशांत मुर्ती पिता सी. के. मुर्ती उम्र 59 वर्ष सा. विनोबा नगर थाना तारबाहर बिलासपुर
03. नैन साहू पिता स्व मनीराम साहू उम्र 41 वर्ष सा.रामनगर तखतपुर थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
04. नरेंद्र रात्रे पिता स्व मोहन लाल रात्रे उम्र 49 वर्ष सा. आजाद नगर तखतपुर थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
05. जाकीर खान पिता मो0 हुसैन उम्र 53 वर्ष सा. पाठकपारा तखतपुर थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
06. मुन्ना श्रीवास पिता स्व विश्राम श्रीवास उम्र 64 वर्ष सा. महामायापारा तखतपुर थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
07. पवन पाण्डेय पिता स्व जगदीश पाण्डेय उम्र 46 वर्ष सा. बेलसरी थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
08. कैलाश देवांगन पिता स्व चंदन उम्र 40 वर्ष सा. होलिका चौक तखतपुर थाना तखतपुर जिला बिलासपुर
09. बउवा देवांगन पिता लक्ष्मी देवांगन उम्र 40 वर्ष सा. तखतपुर थाना तखतपुर बिलासपुर
10. बल्लू पटेल पिता विश्वनाथ पटेल उम्र 32 वर्ष सा. दीनदयाल मंगला थाना सिविल लाईन बिलासपुर
11. क्रेगी मार्टीन पिता स्व एम मार्टीन उम्र 51 वर्ष सा. विनोबानगर थाना तारबाहर बिलासपुर
12. देवांश डोरा पिता प्रसांत डोरा उम्र 26 वर्ष सा. विद्यानगर थाना तारबाहर बिलासपुर
13. विवेक मिश्रा पिता जे पी मिश्रा उम्र 47 वर्ष सा. विद्यानगर थाना तारबाहर बिलासपुर
14. विशाल सिंह पिता आर एस सिंह उम्र 45 वर्ष सा. नेहरू नगर शामिल हैं।
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