Breaking
22 Jan 2026, Thu

13 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला कोनी थाना प्रभारी गोपाल सतपथी की कार्यवाही आरोपी गुंडा बदमाश किशन बंजारे को आजीवन कारावास

उक्त मामले में 72 घंटे में चालान हुआ था पेश निरीक्षक गोपाल सतपथी आईजी से हुए थे सम्मानित

माननीय न्यायालय श्री शैलेंद्र चौहान सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) जांजगीर का फैसला
जांजगीर। कक्षा 7 वी में पढ़ने वाली नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को न्यायालय द्वारा भादवि की धारा 363 के अपराध के लिए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- के अर्थदण्ड, पारा 506 के अपराध के लिए 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- अर्थदण्ड तथा पाक्सो एक्ट की धारा 4 नाबालिग से दुष्कर्म के अपराध के लिए आजीवन कारावास जिसका अर्थ शेष प्राकृति जीवन काल है तक की सजा एवं 20,000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक, चंद्रप्रताप सिंह के बताये अनुसार पीडिता दिनांक 21.जनवरी.2023 को शाम करीब 5 बजे अपने घर से निकलकर अपनी मामी के घर जा रही थी तभी रास्ते में पोस्ट आफिस के पास ठड़गाबहरा का रहने वाला किशन बंजारे ने उसे चल मैं तुझे तेरी मामी के घर छोड़ दूंगा कहकर उसके हाथ को जबरदस्ती पकड़कर अपने मोटर सायकल में पीछे बैठा लिया और उसे उसके मामी के घर न लेजाकर हरदी बाजार रोड में ले गया। रोड में ले जाते समय पोस्ट आफिस के सामने उसका मामा उन्हें देखा। पीडिता के मामा उन्हें रोकने के लिए पीडिता को चिल्लाये लेकिन किशन मोटर सायकल को नहीं रोका और जोर से गाडी चलाकर आगे ले गया तथा एक पेट्रोल पम्प के सामने एक खेत में ले जाकर उसके कपड़े को जबरदस्ती खोलकर दुष्कर्म किया तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया और पीडिता को मोटर सायकल से बलौदा में चल रहे मेला में छोड़ दिया। पीडिता रोते रोते अपने घर आई और घर आने के बाद घटना के बारे में अपनी मां, पड़ोस की नानी तथा अपने पिता को बतायी। उक्त घटना के संबंध में पीडिता द्वारा बलौदा में रिपोर्ट दर्ज कराये जाने पर पीडिता की रिपोर्ट पर तात्कालिक थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने आरोपी के विरूद्ध धारा 376,506,363 भादसं एवं धारा 4 पास्को एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया। तथा आरोपी को तत्काल पकड़कर न्यायिक रिमांड में भेजकर 72 घंटो के भीतर चालान माननीय न्यायालय पेश किया गया था जिसके लिए तात्कालिक आई जी बिलासपुर रेंज BN मीणा ने निरीक्षक गोपाल सतपथी को उनके कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया था!


शैलेन्द्र चौहान सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जांजगीर न्यायालय में अभियोजन की ओर से तर्क किया गया कि जिस प्रकार से नाबालिग को मामी के घर छोड़ दूंगा कहकर कहीं दूसरे जगह जबरदस्ती ले जाकर दुष्कर्म किया गया है वह अत्यंत ही निंदनीय घटना है। अर्थात बच्चों का शारीरिक शोषण एक गंभीर सामाजिक अपराध है जिस पर उदारतापूर्वक विचार किया जाना कतई संभव नहीं है। वह निश्चित ही गंभीर अपराध का दोषी है। अतःअभियुक्त को कठोर से कठोर दण्ड से दंडित किया जावे। प्रकरण में अभियोजन ने अभियुक्त के विरूद्ध प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है कि जिस प्रकार से नाबालिग को मामी के घर छोड़ दूंगा कहकर कहीं दूसरे जगह जबरदस्ती ले जाकर दुष्कर्म किया गया है वह अत्यंत ही निंदनीय घटना है। अर्थात बच्चों का शारीरिक शोषण एक गंभीर सामाजिक अपराध है जिस पर उदारतापूर्वक विचार किया जाना कतई संभव नहीं है। वह निश्चित ही गंभीर अपराध का दोषी है। ऐसे अपराधों में किसी भी स्थिति में उदारतापूर्वक विचार किये जाने से न सिर्फ समाज का न्याय से विश्वास उठ जायेगा बल्कि समाज के लोग अपराध को स्वयं दंडित करने का कार्य करने लगेंगे। जो व्यवस्था के लिए घातक सिद्ध होगी। अतः प्रकरण की परिस्थिति, अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए अभियुक्त किशन बंजारे पिता दशरथ प्रसाद बंजारे उम्र 33 वर्ष निवासी वार्ड नं. 2 ठड़‌गाबहरा बलौदा थाना बलौदा जिला जांजगीर-चांपा, को भादवि की धारा 363 के अपराध के लिए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- के अर्थदण्ड, धारा 506 के अपराध के लिए 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- अर्थदण्ड तथा पाक्सो एक्ट की धारा 4 नाबालिग से दुष्कर्म के अपराध के लिए आजीवन कारावास जिसका अर्थ शेष प्राकृति जीवन काल है एवं 20,000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर कमशः 1 माह, 1 माह, एवं 2 माह का साधारण कारावास से दंडित किया गया है।
उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से चंद्रप्रताप सिंह विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) जांजगीर ने पैरवी की।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed