
बिलासपुर,,,, बिलासपुर से आज एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है! जहां एक 84 वर्षीय बुजुर्ग दंपति धजा राम और उनकी पत्नी रामेश्वरी बाई पिछले 14 वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं! उम्र के इस पड़ाव में, जब उन्हें सहारे की जरूरत है…

वे लाठी, दर्द और उम्मीद के सहारे सिस्टम से लड़ते हुए न्याय की गुहार लगा रहे हैं! सवाल यह है! कि संवेदनशील बताया जाने वाला प्रशासन आखिर कब इस बुजुर्ग दंपति की पुकार सुनेगा…?
पूरा मामला बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के दर्रा भाठा गांव का है! यहां के निवासी 84 वर्षीय धजा राम और उनकी पत्नी साल 2013 में पेट की आग बुझाने परदेश गए थे! लेकिन जब वर्षों बाद वे अपने गांव लौटे… तो उनके पैरों तले ज़मीन ही खिसक गई! पड़ोसी गोविंदराम सोनवानी और उनका बेटा राहुल सोनवानी—जो कि इलाके के जिला पंचायत सदस्य भी हैं! उन्होंने बुजुर्ग दंपति की जमीन पर न सिर्फ अवैध कब्जा कर लिया… बल्कि उस पर पक्का मकान भी खड़ा कर दिया!
घर लौटते ही राम और रामेश्वरी बाई ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया! उन्होंने सीपत थाने में शिकायत दर्ज कराई और न्यायालय में परिवाद भी दायर किया! लेकिन इसके बाद शुरू हुई उनकी 14 साल लंबी जंग कोर्ट, कचहरी, थाने… और अफसरों के अंतहीन चक्कर में उम्र के इस मोड़ पर धजाराम एक हाथ में लाठी और दूसरे हाथ में पत्नी का हाथ पकड़कर न्याय की उम्मीद में भटकता रहा… लेकिन हर दफ्तर का जवाब एक जैसा कार्यवाही जारी है!
जब इस मामले पर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल से बात की गई. तो उन्होंने बताया कि बुजुर्ग दंपति की शिकायत पर तहसीलदार को जांच का आदेश दिया गया है! हाल ही में तहसीलदार मौके पर पहुंचे हैं! और कागज़ों की जांच की प्रक्रिया जारी है! कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि दस्तावेज़ों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी!
लेकिन बड़ा सवाल जस का तस है! क्या 14 साल से न्याय की आस लगाए बैठे इस 84 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को अब न्याय मिलेगा? क्या उनकी छीनी गई जमीन उन्हें वापस मिल पाएगी? या फिर यह दंपति अपनी बाकी बची जिंदगी भी इसी तरह दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते गुजार देगा? अब देखना यह है! कि प्रशासन अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए धजाराम और रामेश्वरी बाई को न्याय दिलाता है… या फिर यह मामला भी फाइलों की धूल में कहीं खोकर रह जाएगा…?
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