
बिलासपुर,,,, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और बेलतरा विधानसभा से कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने आज पत्रकार वार्ता में निर्वाचन आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ गड़बड़ प्रक्रियाओं के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रतिबद्ध मतदाता जानबूझकर टारगेट किए जा रहे हैं! उन्होंने दस्तावेजी प्रमाणों के साथ यह दावा दोहराया कि उनका पुराना निवास वर्षों से परिवार का पता — नर्मदा नगर है! परंतु हालिया जांच में उनका नाम बिलासपुर की मतदाता सूची से हटाकर भिलाई के एक वार्ड में शामिल पाया गया… विजय ने इसे लिपिकीय त्रुटि मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है!
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विजय केशरवानी ने बताया कि उनकी ओर से वर्षों पहले भरे गये नामांकन फॉर्म, BLO के समक्ष SIR के समय जमा किए गए दस्तावेज और 2003 की मतदाता सूची—इन सभी में उनका पता स्पष्ट रूप से बिलासपुर में है! इसके बावजूद उनका नाम भिलाई के वार्ड क्रमांक 54 की सूची में दिखना न केवल अटपटा है! बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है! विजय ने कहा, “मैं खुद प्रत्यक्ष प्रमाण हूँ — मेरे साथ जो हो सकता है! वह किसी और के साथ भी हो सकता है! इसलिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रतिबद्ध मतदाता को सतर्क रहना होगा!”
विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने संगठन के माध्यम से पुख्ता जानकारी जुटाई है! कि दर्जन भर से अधिक मतदाताओं के नामों को किसी एक विधानसभा से दूसरे विधानसभा अथवा एक जिले से दूसरे जिले में धकेला गया है! जबकि वे मूलतः बिलासपुर के निवासी हैं! उन्होंने कहा कि आगामी समय में वे विस्तृत सबूतों के साथ और लोगों के नाम उजागर करेंगे तथा दावा किया कि इस कार्रवाई में निर्वाचन कार्यालय और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जाएंगे! हालांकि उन्होंने फिलहाल किसी एक व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया… परन्तु उन्होंने संकेत दिया कि उनके पास ऐसे अधिकारियों और नेताओं के नाम भी हैं जिन्हें बाद में प्रकट किया जाएगा!
प्रेस वार्ता में विजय केशरवानी ने बिहार चुनावों के संदर्भ में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोटर-लिस्ट और वोटिंग संबंधी दावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि जो प्रमाण बिहार में प्रस्तुत किए गए थे, वे सत्यता पर आधारित थे और वही चिंता अब छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रही है। उनका कहना था कि एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) के नाम पर यहां भी ऐसी अनियमितताएं हो रही हैं जो सामान्य मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं।
विजय ने निर्वाचन आयोग से खुलेआम जवाब मांगते हुए कहा कि आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि जिन वार्डों में उनके नाम दिखाई दे रहे हैं, क्या वे वहां 2025 की सूची में थे, क्या 2003 की सूची में उनका नाम था, और यदि दोनों सूचियों में नाम दर्ज नहीं था तो अचानक यह स्थानांतरण कैसे संभव हुआ। उन्होंने बीएलओ कार्यप्रणाली और फार्म अपलोडिंग की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए।
इस बीच प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस के वर्तमान ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, वर्तमान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा, सिद्धांतंशु मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय पांडे, जिला कांग्रेस प्रवक्ता ऋषि पांडे और जिला कांग्रेस सचिव सुभाष सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने विजय केशरवानी के दावों का समर्थन करते हुए निर्वाचन आयोग व जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की और स्थानीय स्तर पर एक समन्वित जाँच-अभियान चलाने की बात कही। सम्मेलन में यह घोषणा भी हुई कि जल्द ही प्रभावित मतदाताओं की पहचान कर कागजी रिकॉर्ड का सार्वजनिक सत्यापन कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उच्च स्तरीय शिकायतें दायर की जाएंगी।
कांग्रेस नेताओं ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नाम और पते का स्वतः सत्यापन कर लें तथा किसी असामान्य परिवर्तन की स्थिति में तुरंत जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि व्यापक लोकतांत्रिक प्रश्न को जन्म देता है जिसे निष्पक्ष नियंत्रण के साथ निरीक्षण किया जाना चाहिए।
इस प्रेस वार्तालाप के बाद विजय केशरवानी ने कहा कि वे जल्द ही और दस्तावेजी सबूतों के साथ एक ओर प्रेस सम्मेलन करेंगे, जिसमें उन नामों और घटनाओं का खुलासा करेंगे जिनका हवाला उन्होंने अभी तक दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य आरोप-प्रत्यारोप कर सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि निर्वाचनीयता की पारदर्शिता कायम कराना है ताकि हर मतदान केंद्र की विश्वसनीयता सुरक्षित रहे।
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