
सोमवार को सर्व आदिवासी समाज के लोग बिलासपुर पुलिस अधिक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रधान आरक्षक के आत्महत्या मामले में प्रशिक्षु डीएसपी रोशन आहूजा के खिलाफ अपना मोर्चा खोलते हुए कार्रवाई की मांग।वही सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री उपमुख्य मंत्री आदिम जाति कल्याण मंत्री और कलेक्टर और आईजी के नाम से भी ज्ञान दिया है।आपको बताते चले की प्रधान आरक्षक के आत्महत्या करने के बाद उनके परिजन ने थाने का दबाव का आरोप लगाया था। लखन सिंह मेश्राम पिता जयसिंह मेश्राम जो विगत वर्षों से सरकंड़ा थाना में प्रधान आरक्षक के रूप में पदस्थ है। लखन सिंह मेश्राम थानों के कुछ कामों को लेकर 3-4 रोज से परेशान था। पूछने पर बताया कि मेरे को ट्रेनी ऑफिसर डी.एस.पी रोशन आहूजा के द्वारा सभी स्टाफ के बीच फटकार लगाया गया था और ड्यूटी के बाद अधिक काम लेना, मेरे से पूछे बिना घर नहीं जाना। घर पहुंचने के बाद फिर से थाना बुलाना इस तरह से लगातार मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा था। जिसके कारण लखन सिंह मेश्राम को खुदखुशी करना पड़ा। जो कि इस घटना का सर्वआदिवासी समाज घोर निंदा करता है और विरोध भी करता है। सरकंड़ा ट्रेनी ऑफिसर डी. एस.पी रोशन आहूजा के खिलाफ एफ.आई.आर करके कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वही इस मामले में पुलिस जांच टीम गठित करने की बात कह रही है।जो जल्द ही अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेंगे।रिपोर्ट आने के बाद आगे को कार्रवाई की जायेगी।
बहरहाल अब प्रधान आरक्षक के आत्महत्या मामले से प्रशिक्षु डीएसपी की मुश्किलें और बढ़ सकती है।
,
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.01.22वामनअवतार-2 फिर मैदान में—शिकायतों के बाद भी लगरा की सरकारी आबादी जमीन पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग, कच्चे प्लॉट बेचकर निर्माण जारी, राजस्व अमला मौन, जनता पूछ रही: इन तनखैयों को संरक्षण दे कौन रहा?
Uncategorized2026.01.22आबकारी की दबंगई का आरोप—बिना वारंट घर में घुसी टीम, बेटे उठाए, ऑफिस में मारपीट और 2 लाख की डिमांड, महिला बोली: नहीं दिए पैसे तो झूठे केस में फंसाने की धमकी, अफसरों की चुप्पी पर सवाल…
Uncategorized2026.01.22घास भूमि का फर्जी मालिक निकला नदीम अहमद खान—सरकंडा पुलिस ने 8 माह से फरार शासकीय जमीन ठग को दबोचा, कूटरचित दस्तावेजों से लाखों की बिक्री करने वाला आरोपी अब सलाखों के पीछे, गिरोह पर शिकंजा कसना जारी…
Uncategorized2026.01.22कागजों में सख्ती, जमीन पर मस्ती—कलेक्टर के आदेश को ठेंगा, हांफा में आदिवासी जमीन पर माफिया का कब्जा, रजिस्ट्री चलती रही, प्रशासन सोता रहा, कानून फाइलों में कैद होकर रह गया…
