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27 Feb 2026, Fri

भाजपा नेता के खिलाफ भड़का पत्रकारों का गुस्सा! अम्बिकापुर में कवरेज के दौरान रिपोर्टर पर हमला, वीडियो वायरल; पुलिस पर मूकदर्शक रहने के आरोप, थाने के घेराव के बाद तीन पर F.I.R…

बिलासपुर,,, एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ विधानसभा में पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट पर घमासान मचा है! वही दूसरी तरफ अम्बिकापुर में न्यूज रिपोर्टर के साथ समाचार कवरेज के दौरान भाजपा नेता द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है! इस वारदात के विरोध में मीडिया कर्मियों ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगा… बीजेपी नेता और उसके हमलावर समर्थकों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए वहां के कोतवाली थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की…

मिली जानकारी के मुताबिक अम्बिकापुर नगर निगम का अमला अनुमति विपरीत निर्माण की शिकायत पर शहर के लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल कार्रवाई के लिए पहुँचा था! पत्रकार सुशील बखला इसी कार्रवाई को कवर करने मौके पर पहुंचे थे! बताया जा रहा है! कि हॉस्पिटल परिसर में ट्रांसफार्मर लगाए जाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी!

इसी दौरान विवाद बढ़ा और कवरेज कर रहे पत्रकार के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट कर दी… वो भी तब जब मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था! इस बात की सूचना मिलते ही आक्रोशित पत्रकार संगठनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली में धरना प्रदर्शन कर शासन- प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की…


तनाव को स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आनन- फानन में
तीन लोगों के खिलाफ F.I.R दर्ज किया है! पुलिस का कहना है! कि पीड़ित पत्रकार के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपियों की पहचान कर केस दर्ज किया गया है! और आगे की जांच जारी है! घटना के बाद देर शाम तक थाने में गहमागहमी का माहौल बना रहा… पत्रकार संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है! वहीं प्रशासन का कहना है! कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी…

ये है! मीडियाकर्मी संरक्षण विधेयक…


छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी संरक्षण विधेयक (Chhattisgarh Media Persons Protection Act, 2023) पारित किया जा चुका है!  जो पत्रकारों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न को रोकने के लिए एक विशेष समिति और कानूनी प्रावधान करता है! इसका उद्देश्य मीडियाकर्मियों पर हमलों को रोकना और प्रताड़ना के मामलों में त्वरित कार्रवाई करना है!इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकार शामिल हैं!
विशेष समिति: पत्रकारों की शिकायतों की जांच और सुरक्षा के लिए एक समिति का गठन किया गया है! इस कानून के तहत पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने या धमकी देने पर दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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