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28 Feb 2026, Sat

4400 पर डंडा, गोलबाजार में धंधा! नोटिस जारी, फिर भी निर्माण जारी—क्या नगर निगम में ‘माथा देख चंदन एक्ट’ लागू है या सियासी दबाव में सब सेट..?

00 आखिर क्या है वजह, नजराना या सियासी गर्जना…


00 दावा नोटिस देकर कार्य बंद कराने का, चल रहा धड़ल्ले से काम…



बिलासपुर,,, या तो नगर निगम प्रशासन के नोटिस में दम नही है! या फिर सारा खेल राजनीतिक दबाव और नजराने का है! तभी तो शहर के बीच गोलबाजार में नगर निगम के नोटिस को अवैध भवन निर्माता भजिया लपेटने का कागज समझ बेखौफ निर्माण करा रहे…  विरोध हो रहा आये दिन ज्ञापन पर ज्ञापन सौंपा जा रहा काम बंद कराने के दावे किये जा रहे और बीच गोलबाजार में धड़ल्ले से बेखौफ निर्माण जारी है! जिम्मेदार है! कि बता रहे कि नोटिस के बाद पक्षकार ने नक्शा पास कराने ऑनलाइन नक्शा भी प्रस्तुत कर दिया है! यानि सब सैट है!

और तो और छोटी छोटी बातों पर राजनीति करने वाले भी मौन है! और जिम्मेदार अफसर मामले में कुछ बोलने से कतरा रहे है! मामला गोलबाजार के मुख्यमार्ग और इससे लगे अमरनाथ जड़ी बूटी दुकान गली के निर्माणाधीन काम्प्लेक्स का है। निगम के जिम्मेदार ये तक नही बता पा रहे कि जिस काम्प्लेक्स में आगजनी के बाद बिना अनुमति निर्माण कराया जा रहा वो ट्रस्ट की जमीन है या निजी। उनका कहना है कि इस काम्प्लेक्स में आगजनी हुई थी, जिसके मरम्मत का आवेदन देकर ग्रीन नेट डाल मौके पर दो मंजिला काम्प्लेक्स खड़ा करने की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में हुई थी, इसके बाद निगम के भवन शाखा से भवन निर्माता संजय दुबे पिता भागवत प्रसाद दुबे को नोटिस जारी कर काम बंद करा दिया गया। इसके बाद उनके द्वारा भवन अनुज्ञा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है।इन तस्वीरों में अब निगम प्रशासन के उस दावे के हाल भी देख लीजिए कि कैसे गुरुवार और दूसरे दिन शुक्रवार को भी काम चल रहा है…


कांग्रेस से हाल ही में भाजपा में आये श्री दुबे का इस तरह का ये दूसरा मामला है! इसके पहले भी उन पर बस स्टैंड रोड पर निगम/ नजूल की 80 डिसमिल जमीन में कब्जा कर निर्माण कराने का मामला सामने आया था! उस समय भी आरआई… पटवारी मौके पर सीमांकन के लिए पहुचे थे! पर हुआ कुछ नही भवन खड़ा हो गया… और बताया गया कि कोर्ट ने इस भवन को कालेज प्रबंधन को शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उनके पजेशन में दे दिया है!

फिर इनने क्या बिगाड़ा…

नगर निगम में नियमितीकरण के नाम पर कितना बड़ा खेला हुआ वो सब जाहिर है! 9000 ऐसे भवन निर्माताओं ने नियमितीकरण के लिए आवेदन किया… जिन्होंने बिना अनुमति या अनुमति विपरीत निर्माण करा लिया… इनमें से लगभग 4600 लोगो का नियमितीकरण कर दिया गया… वही 4400 प्रकरण लटका दिये गए… जितने हुए वो कैसे हुये और जितने लटके वो क्यो और कैसे लटके वो भी सबको पता है! पर सवाल यह उठ रहा कि जब मरम्मत के आवेदन पर बिना अनुमति खड़े हुए इस काम्प्लेक्स को वैध करने जिस ढंग सियासतबाजी और ताकत झोंक जोर आजमाइश की जा रही… तो फिर उन 4400 भवन निर्माताओं ने क्या बिगाड़ा है…? क्या निगम प्रशासन माथा देखकर एक्ट के चंदन लगाता है!
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क्या नेताओ और बड़े लोगो के लिए निगम में अलग एक्ट है…

गोलबाजार के अवैध निर्माण का नक्शा एक्सेप्ट कर रहे तो उन 4400 आवेदकों पर डंडा क्यो जिन्होंने दो ढाई साल से नियमितीकरण का आवेदन दे रखा इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए न्यूज बास्केट की टीम ने निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे से सीधी बात करने गुरुवार और शुक्रवार को उनके दफ्तर में सम्पर्क का प्रयास किया, गुरुवार को उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला दिया तो शुक्रवार को उनसे दफ्तर में भेंट नही हो सका।
गोलबाजार के अवैध निर्माण के मामले में भवन निर्माता संजय दुबे को अंतिम नोटिस जारी कर काम बंद करा दिया गया है! काम चालू होने की जानकारी नही दिखवा लेता हूँ! सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के तहत 15 दिन की मोहलत दी गई है! पहले नोटिस के तत्काल बाद उन्होंने भवन अनुज्ञा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया है! ट्रस्ट के बारे में जानकारी नही है उन्ही की जमीन है!


अनुपम तिवारी
भवन शाखा अधिकारी नगर निगम बिलासपुर

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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