
बिलासपुर,,,मलेरिया पीड़ित एक वृद्ध महिला की मौत के बाद परिवार वालों ने स्वास्तिक अस्पताल प्रबंधन को मौत का जिम्मेदार बताया है, वहीं आयुष्मान से इलाज करना कहकर अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा ढाई लाख रुपए वसूलने का भी आरोप परिवार वालों ने लगाया है।इस मामले में परिजनों ने थाने में शिकायत भी की है वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोरबा चोरभट्टी निवासी मलेरिया पीड़ित एक वृद्धा की इलाज के दौरान मौत हो जाने से तोरवा का स्वास्तिक अस्पताल फिर से सुर्खियां बटोर रहा है। इतना ही नही मृतका के परिवार वालों ने संचालक पर ढाई लाख रुपये वशूलने का भी आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में कोरबा निवासी मृतका अमर कुमार राठिया के परिवार वाले हनुमान कुमार राठिया, ज्योति राठिया और छेदु राम राठिया ने तोरवा थाने में शिकायत की है। शिकायत के बाद तोरवा पुलिस शव मार्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जिला अस्पताल मर्च्युरी में पोस्टमार्टम कार्यवाही के दौरान मौजूद मृतका के परिवार वालों ने कहा कि वृद्धा अमर कुमार को मलेरिया हो गया था उससे पहले भी उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी। मृतका का रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव आने के बाद उन्हें कोरबा के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया उसके बाद भी वृद्धा को राहत नही मिली तो परिवार वाले कोरबा के एम्बुलेंश चालक के कहने पर बिलासपुर के तोरवा स्थित स्वास्तिक अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के संचालक द्वारा पहले तो इन्हें आयुष्मान से इलाज करने का झांसा देकर अस्पताल में भर्ती किया गया। जैसे ही इलाज शुरू हुआ डॉक्टर ने आयुष्मान से इलाज नही हो पाने की बात कहकर उनसे अलग अलग किस्तों में तकरीबन ढाई लाख रुपये वशूल लिए। आरोप यह भी है कि जब आखरी बार मृतका के परिवार ने 75 हजार रुपये स्वास्तिक अस्पताल को जमा कराया तो उन्होंने उसका बिल नही दिया। इसी तरह परिवार वालों ने डॉक्टर पर आरोप लगाया कि एक तो स्वास्तिक अस्पताल के डॉक्टर सही से इलाज नहीं किये उस पर दवा के नाम से जांच के नाम से अलग अलग किस्तों में ढाई लाख रुपये ले लिए। परिवार के लोगों ने कहा कि अमर कुमार की मौत पहले ही हो चुकी थी लेकिन अस्पताल के डॉक्टर मृतका को बिल बढाने के लिए वेंटिलेटर में रखे हुए थे। यहां तक मौत की भी जानकारी परिवार वालों को नही दिए।
इस घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्य टीम स्वास्तिक अस्पताल पहुंची जहां उन्होंने औपचारिकता पूरी करते हुए खानापूर्ति कार्यवाही की और वहां से दस्तावेज लेकर चलते बने। हालांकि इस संबंध में सीएमएचओ डॉक्टर प्रभात कुमार ने बताया कि मृतका को डेंगू होने की बात कही जा रही थी जो अपुष्ट खबर है। वही मृतका के परिवार वालों ने स्वास्थ्य विभाग में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की है। उन्होंने केवल तोरवा थाने में ही इसकी शिकायत की है। फिर भी पुलिस के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अपने स्तर पर हर एक पहलुओं की जांच कर रही है। जल्द ही इस जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।
तोरवा पावर हाउस चौक स्थित स्वस्तिक अस्पताल पर रुपये वशूलने या उपचार में लापरवाही बरतने पर मौत का गम्भीर आरोप कोई पहली दफा नही लगा है बल्कि इस तरह के आरोपों से स्वास्तिक अस्पताल का पुराना वास्ता है। इसी तरह फिर से एक बार स्वस्तिक अस्पताल मलेरिया पीड़ित वृद्धा के मौत हो जाने से और मृतका के परिवार वालों से रुपये वशूलने के मामले में सुर्खियों पर है। फिलहाल शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक हर एक पहलुओं पर जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने पर सख्त कार्यवाही की जाने की बात भी कही जा रही है।
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