
बिलासपुर,,,शराबी कार चालक ने टक्कर मार कर दो गाभिन गायों की जान ले ली, जिस कारण सकरी क्षेत्र में हंगामा मच गया। गौसेवकों ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया हैं। इनका कहना था! कि नशेड़ी युवक ने लापरवाही पूर्वक गाय की जान ली है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई है। गुरुवार रात को पशुपालक भारत लाल यादव अपनी दो गाभिन गायों को चराते हुए डेंटल कॉलेज कानन पेंडारी से काठा कोनी की ओर जा रहा था! कि तभी पीछे से आ रही अर्टिगा कार क्रमांक सीजी 08 के 2239 के चालक ने लापरवाही और खतरनाक तरीके से दोनों गायों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गायों की मौत हो गई। कार में कुछ युवक और युवती सवार थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने शराब पिया हुआ था।कार चालक फास्टरपुर मुंगेली निवासी कमलेश दिवाकर बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ सकरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों गायों की कीमत ₹50,000 बताई गई है। आरोप लगाया गया कि शराब के नशे में कार चालक ने टक्कर मारकर गायों की जान ले ली। हालांकि यह सवाल भी उठ सकता है कि इतनी रात को कौन अपनी गायों को चराने ले जाता है ? दरअसल अधिकांश पशुपालक अपनी गायों को इसी तरह से खुला छोड़ देते हैं। बरसात के कारण यह सड़क पर आ बैठती है और दुर्घटना का शिकार हो रही है। जितना दोष दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन चालकों का है, उतने ही दोषी ये पशुपालक भी हैं। शासन को इनके भी खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.01.22वामनअवतार-2 फिर मैदान में—शिकायतों के बाद भी लगरा की सरकारी आबादी जमीन पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग, कच्चे प्लॉट बेचकर निर्माण जारी, राजस्व अमला मौन, जनता पूछ रही: इन तनखैयों को संरक्षण दे कौन रहा?
Uncategorized2026.01.22आबकारी की दबंगई का आरोप—बिना वारंट घर में घुसी टीम, बेटे उठाए, ऑफिस में मारपीट और 2 लाख की डिमांड, महिला बोली: नहीं दिए पैसे तो झूठे केस में फंसाने की धमकी, अफसरों की चुप्पी पर सवाल…
Uncategorized2026.01.22घास भूमि का फर्जी मालिक निकला नदीम अहमद खान—सरकंडा पुलिस ने 8 माह से फरार शासकीय जमीन ठग को दबोचा, कूटरचित दस्तावेजों से लाखों की बिक्री करने वाला आरोपी अब सलाखों के पीछे, गिरोह पर शिकंजा कसना जारी…
Uncategorized2026.01.22कागजों में सख्ती, जमीन पर मस्ती—कलेक्टर के आदेश को ठेंगा, हांफा में आदिवासी जमीन पर माफिया का कब्जा, रजिस्ट्री चलती रही, प्रशासन सोता रहा, कानून फाइलों में कैद होकर रह गया…
