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21 Jan 2026, Wed

64 राइस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल जमा न कराने पर कलेक्टर ने जारी किया था नोटिस,, लेकिन फ़ूड कंट्रोलर ने चाय-पानी पिलवा कर ले रहे मजे…..

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बिलासपुर,,,, कस्टम मिलिंग योजना के तहत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का उठाव जिले के मिलर्स द्वारा किया गया है। उपार्जित धान के अनुसार मिलर्स को नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है! जिसमे शासन द्वारा समस्त मिलर्स द्वारा अनुबंध अनुसार शत्-प्रतिशत चावल जमा कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं! वर्तमान में जिले के 04 मिलर्स द्वारा चावल जमा किया जाना शेष है!

जिले के ऐसे मिलर जिनके द्वारा शत्-प्रतिशत चावल जमा नहीं किया गया है! उन्हें कलेक्टर अवनीश शरण द्वारा नोटिस जारी करते हुए दिनांक 30 नवंबर 2024 तक चावल जमा करने के निर्देश दिये गये है! 64 राइस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल जमा न कराने पर कलेक्टर ने जारी किया था नोटिस,, लेकिन फ़ूड कंट्रोलर ने चाय-पानी पिलवा कर ले रहे मजे! एक साल बीत गए दूसरे वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई पर 64 मिलरों ने वर्ष 2023-24 के कस्टम मिलिंग का चावल अब तक जमा नही कराया! कलेक्टर ने इन मिलरों को नोटिस जारी कर चावल जमा कराने हिदायत दी थी!

नोटिस मिलने पर मिलर खाद्य विभाग के दफ्तर पहुँचे तो फ़ूड कंट्रोलर ने उन्हें सामने बिठा न सिर्फ स्वागत सत्कार किया बल्कि पर्दा बन्द कर उनके साथ ठहाके भी लगाते रहे! मौके पर पहुचे मीडिया कर्मियों ने फ़ूड कंट्रोलर से जानने प्रयास किया कि कस्टम मिलिंग के बकाया चावल का क्या हो रहा कितना बकाया है! पर कंट्रोलर ने जवाबदेही से बचने हाथ जोड़ कुछ कहने से इनकार कर दिया! तेज तर्रार कलेक्टर अवनीश कुमार शरण के नोटिस के बाद अब तक कस्टम मिलिंग का चावल जमा न कराने वाले राइस मिलर बुधवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर के खाध शाखा पहुँचे! जहां फ़ूड कंट्रोलर के साथ पर्दा बन्द कर उनकी आवभगत की गई! मौके पर पहुचे मीडिया कर्मियों ने फ़ूड कंट्रोलर से चर्चा का प्रयास कर जानना चाहा कि इन 64 मिलरों से कितना- कितना चावल बकाया है! परंतु उन्होंने हम कुछ नही बोलेंगे कहकर हाथ जोड़ लिए!सवाल यह उठ रहा है! कि क्या फ़ूड कंट्रोलर जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे अफसर की कोई जवाबदेहि नही क्या उन्हें मीडिया की जिज्ञासा का शमन कर प्रशासन की छबि को पारदर्शी बनाने फहल नही करना चाहिए!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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